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Hardoi News: जमीन के लिए छोटे भाई की पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद

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- पांच बीघा भूमि के लिए छोटे भाई की पत्नी की कर दी थी हत्या
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- कोर्ट ने माना, निसंतान की मौत के बाद उसकी जमीन पर कब्जे की लड़ाई में हुआ रिश्तों का खून

संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। पांच बीघा भूमि के लिए छोटे भाई की पत्नी की हत्या के आरोप में अपर जिला जज रीता कौशिक ने शख्स को दोषी करार दिया है। अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने माना कि निसंतान की मौत के बाद उसकी जमीन पर कब्जे की लड़ाई में रिश्तों का खून हुआ है। जमीन के लालच में अभियुक्त ने छोटे भाई की पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। अभियुक्त के बेटे को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
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मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के बेरियानजीरपुर निवासी विनोद के पिता चौकीदार हैं। उन्होंने 29 जून 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 28 जून 2018 की रात गांव निवासी सुमन देवी मकान के बाहर चारपाई पर सो रही थीं। 29 जून की सुबह उनका शव चारपाई पर पड़ा मिला था। गले में सफेद गमछा लिपटा हुआ था। पोस्टमार्टम में गला कसकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। विवेचना में पता चला था कि सुमन देवी के पति चंद्र प्रकाश और ससुर प्यारेलाल की मौत हो चुकी थी। चंद्र प्रकाश के कोई संतान नहीं थी। सुमन अपने पति के हिस्से की खेती अपने नाम कराने की कोशिश कर रही थी। चंद्र प्रकाश का भाई अभियुक्त रावेंद्र सिंह, भाई की जमीन को कब्जे में लेना चाहता था। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद और कहासुनी भी होती थी। सुमन के नाम जमीन दर्ज होने पर रावेंद्र सिंह को भाई की संपत्ति नहीं मिल पाती। इस वजह से वह नाराज रहता था। सुनवाई के दौरान गवाहों ने न्यायालय को बताया कि दोनों भाइयों के बीच दस बीघा खेती थी। चंद्र प्रकाश की पहली पत्नी उसे छोड़कर कहीं चली गई थी। पश्चिम बंगाल निवासी सुमन के साथ उसने दूसरी शादी की थी। चंद्र प्रकाश की मृत्यु के बाद जमीन की हिस्सेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया था। अदालत ने गवाहों के बयानों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए रावेंद्र सिंह को दोषी ठहराया है।
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