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Hardoi News: सर्जिकल वार्ड में पुरूष शौचालय चोक, महिला शौचालय में जाते पुरूष मरीज

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फोटो-10- अफजल अली। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की तरह ही संसाधनों की भी बुरी हालत है। मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में दो साल से पुरूष शौचालय चोक पड़ा है। इसके कारण पुरूष मरीज महिला शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। महिला शौचालय की भी दशा बेहद खराब है। मरीजों को बीमारी के साथ साथ इन दुश्वारियों का सामना भी करना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में 23 बेड हैं। इनमें से ज्यादातर बेड पर मरीज भर्ती रहते हैं। मरीजों के लिए वार्ड में ही पास-पास पुरुष और महिला शौचालय हैं। दो साल से पुरुष शौचालय का पाइप चोक है। शौचालय के अंदर गंदगी भरी है। इस कारण इसका इस्तेमाल नहीं होता। पुरुष मरीज महिला शौचालय में जाते हैं। किसी एक मरीज के शौचालय में होने पर कभी-कभी मरीजों को इंतजार भी करना पड़ता है। महिला शौचालय के अंदर दोनों वॉश बेसिन के पाइप नहीं लगे हैं। जिससे हाथ धोने आए मरीजों के पैरों पर गंदे पानी की छीटें पड़ती हैं।

ये हैं शौचालय की कमियां
शौचालय के दरवाजे जर्जर हैं।
शौचालय के अंदर लगे पाइप से पानी बहता है।
वॉश बेसिन में नीचे के दोनों पाइप नहीं लगे हैं।
शौचालय और स्नानगृह दोनों के दरवाजों में अंदर से चिटकनी खराब हैं।


गरीबपुरवा निवासी अफजल अली सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। बताते हैं कि शौचालय के अंदर वाश बेसिन से पानी बहने से कपड़े खराब हो जाते हैं। इसके कारण शौचालय का इस्तेमाल छोड़ दिया है। बाहर जाकर नित्यक्रिया निपटाते हैं।
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बिलग्राम के रसूलपुर निवासी अनुज भी सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। कहते हैं कि बीमारी की हालत में पहले से ज्यादा सफाई रखनी हाेती है। सफाई रखें भी तो कैसे, यहां तो शौचालय का इस्तेमाल करने पर इतनी गंदगी हो जाती है कि बस मजबूरी में इसका इस्तेमाल करते हैं।

बृहस्पतिवार की सुबह मैं खुद वहां गया था। बेहतर सफाई करने के लिए निर्देश भी दिए थे। दोनों शौचालयों से जुड़ी सभी समस्याएं दूर कराई जाएगीं। -डॉ. बीएमएस पोखरिया, विभागाध्यक्ष सर्जिकल वार्ड

फोटो-10- अफजल अली। संवाद

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