हरदोई। जिले में एनआरएचएम अपनी पहचान खोकर मलेरिया कार्यालय में गुम हो गया है। बगैर विभागीय कर्मियों की मदद के कार्यालय नजर नहीं आता है। आरोप है कि प्रभारी दो बजे के बाद लखनऊ की राह पकड़ लेते हैं। इससे इस योजना का लाभ सिर्फ फाइलों में ही बेहतर नजर आ रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, बाल स्वास्थ्य योजना, किशोरी स्वास्थ्य योजना, आशा बहुओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देख रेख करने सहित विभिन्न योजनाएं संचालित हो रही है। इधर, एनआरएचएम घोटाले की जांच पड़ताल के दौरान एनआरएचएम कार्यालय में शार्टसर्किट से आग लग गई थी। इसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क आदि जल गई थी। इस मामले में सीबीआई टीम लगातार विभागीय लोगों से पूछताछ कर रही है।
आग लगने के बाद एनआरएचएम कार्यालय मलेरिया कार्यालय में और मलेरिया कार्यालय को प्रशिक्षण केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। करीब एक साल से एनआरएचएम कार्यालय मलेरिया कार्यालय में चल रहा है।
आरोप है कि प्रभारी के समय से न रह पाने के कारण विभागीय कार्य सिर्फ फाइलों में गतिमान हैं। इससे न तो आशा बहुओं को समय से भुगतान मिल पा रहा है और न ही जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि मिल पा रही है। सीएमओ डा. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी वह कुछ दिन पहले ही जिले में आए हैं। वह इसकी जांच कराके व्यवस्थाएं दुरुस्त कराएंगे।