डीएम के कैंप कार्यालय में क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ मौजूद भाजपा विधायक आशीष सिंह पटेल
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प्रदेश सरकार में कई बार कैबिनेट मंत्री रहे राज्यसभा के पूर्व सदस्य नरेश अग्रवाल की करीबी माधौगंज की ब्लाक प्रमुख कंचनप्रभा के विरुद्ध गुरुवार देर शाम जिलाधिकारी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। बिलग्राम-मल्लावां के भाजपा विधायक आशीष सिंह पटेल आशू के नेतृत्व में 61 क्षेत्र पंचायत सदस्य जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव के साथ दिए गए शपथ पत्रों का सत्यापन कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को आवास पर तलब कर लिया। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 65 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने शपथ पत्र दिया है।
माधौगंज की ब्लाक प्रमुख कंचनप्रभा वर्ष 2015 में हुए चुनाव में सपा शासनकाल में निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। इनके पति विवेक सिंह वर्ष 2005 से वर्ष 2010 तक माधौगंज के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। विवेक सिंह को नरेश अग्रवाल के अति करीबी लोगों में शुमार किया जाता है। नरेश अग्रवाल की कृपा से ही कंचनप्रभा का निर्विरोध निर्वाचन हुआ था। कंचनप्रभा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने की सुगबुगाहट पिछले लगभग एक पखवारे से थी। गुरुवार देर शाम लगभग साढ़े सात बजे बिलग्राम-मल्लावां के भाजपा विधायक आशीष सिंह पटेल आशू के साथ पूर्व ब्लाक प्रमुख रीना सिंह, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह, बावन के ब्लाक प्रमुख समीर सिंह डीएम आवास पर पहुंचे। इनके साथ में कई लग्जरी वाहनों में माधौगंज के क्षेत्र पंचायत सदस्य भी पहुंचे। डीएम को रीना सिंह ने अविश्वास का प्रस्ताव सौंपा।
पक्ष में 65 शपथ पत्र भी दिए गए। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह को बुलाकर शपथ पत्रों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इस पर डीपीआरओ ने सत्यापन शुरू कराया। खबर लिखे जाने तक सत्यापन का कार्य चल रहा था। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो 65 शपथ पत्र दिए गए हैं। मौके पर 61 क्षेत्र पंचायत सदस्य ही मौजूद थे। । माधौगंज में कुल 91 क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद हैं। इनमें से 1 पद रिक्त चल रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए 46 सदस्यों की ही आवश्यकता है। इस लिहाज से अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। अब जिलाधिकारी अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए तारीख तय करेंगे। डीपीआरओ ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव स्वीकृत होने के न्यूनतम 15 दिन और अधिकतम एक माह के अंदर मतदान होना जरूरी है।