रसोई गैस के लिए सब्सिडी को बैंक एकाउंट सिस्टम लागू
होने के बाद कालाबाजारी बढ़ गई है। लोगों को निर्धारित कोटे के बाद सिलेंडर
जरूरत होने पर कालाबाजारियों से सिलेंडर लेने पड़ रहे है। कुछ गैस
एजेंसियों की मनमानी से बैंक एकाउंट फीड न होने वाले कनेक्शनों पर रिफिल
देने को ना-नुकुर की जा रही और कई एजेंसियों में उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता
तक की जाती है।
ज्ञात हो कि जनवरी से गैस कंपनियों ने रसोई गैस में
सब्सिडी के लिए बैंक एकाउंट सिस्टम डीबीटीएल लागू कर दिया है। अभी भी
हजारों उपभोक्ताओं के बैंक एकाउंट फीड नहीं हो पाए और तमाम लोगोें के आधार
कार्ड की एजेंसियों से लेकर बैंकों में फीडिंग के बाद भी समस्या आ रही है।
कुछ गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी से लेकर गोदाम डिलीवरी में किए जा
रहे खेल और निर्धारित दरों से अधिक पैसा लेने के कारण उपभोक्ता लुटने को
मजबूर हो रहे है। उधर, बैंक एकाउंट लिंक न हो पाने वाले कनेक्शनों पर रिफिल
नहीं दी जा रही, जिससे कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हैं।
एजेंसियोें के ही
कुछ कर्मचारी कालाबाजारी कर रहे है। होम एवं गोदाम से डिलीवरी में होने
वाले खेल से लोग पस्त हो रहे हैं। ज्ञात हो कि जिले में लगभग 20 गैस
एजेंसियां हैं, जिनके डेढ़ लाख से ज्यादा उपभोक्ता है।
उधर, कुकिंग गैस का
होटलों, दुकानों से लेकर वाहनों में धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा, जबकि जिले
में कार्यरत कई गैस एजेंसियों की एलपीजी कंपनियों के अफसरों को उपभोक्ताओं
की समस्याएं सुनने के लिए न फुर्सत है और न कोई परवाह, जिससे उपभोक्ता
परेशान हैं।
एलपीजी कंपनियों के अफसरों द्वारा इस ओर उदासीनता बरती जा रही
हैं। उधर, डीएसओ कुमार निर्मलेंदु ने कहा कि कुकिंग गैस को लेकर अगर कहीं
दिक्कत हो रही, तो लिखित शिकायत करें, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी करने एवं निर्धारित दरों से ज्यादा पैसा लेने वालों के बारे में
जानकारी दें, शिकायत सही मिली तो एफआईआर दर्ज कराएंगे।