हरदोई। लगभग नौ साल पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने के मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज (कोर्ट संख्या-16) हेमेंद्र कुमार सिंह ने अभियुक्त पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 80 फीसदी रकम क्षतिपूर्ति के तौर पर मृतका के पिता को देने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था उसकी पुत्री (12) 21 फरवरी 2015 को शाम करीब 5 बजे घर से शौच करने गई थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं आई तो खोजबीन की। उसी शाम करीब साढ़े सात बजे बच्ची का शव गुरु रामराय पब्लिक स्कूल के पीछे गेहूं के खेत की मेड़ पर पड़ा मिला था।
उसके गले में शॉल लिपटी हुई थी। पुलिस ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए शव को गायब करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला था कि उन्नाव जनपद के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के भिखारीपुर गांव निवासी आलोक ने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या की थी। इस पर पुलिस ने पॉक्सो, अनुसूचित जाति उत्पीड़न और दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई थीं। मामले की सुनवाई पूरी कर आलोक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
आराम करने आया था, घूमने निकला और कर डाली घटना
उन्नाव निवासी आलोक प्राइवेट बस में परिचालक था। उसकी बस का चालक बच्ची के गांव का ही था। चालक अपने गांव बस लेकर रात में रुकने के लिए आया था। आलोक भी उसके साथ था। बस खड़ी कर चालक अपने घर चला गया, जबकि आलोक बस में ही आराम करने लगा था। इसी बीच वह गांव में घूमने के लिए निकला और बच्ची को अकेला देखकर घटना को अंजाम दे दिया। बच्ची उसे पहचान न ले इसलिए शॉल से बच्ची का गला कसकर हत्या कर दी थी।