हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को सात साल पुराने हत्या के एक मामले में तीन सगे भाइयों समेत छह लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 32-32 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने अर्थदंड की राशि का 75 फीसद वादिनी को देने का भी आदेश दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमलेंद्र सिंह व फौजदारी अधिवक्ता रामदेव शुक्ला ने बताया कि सांडी थाना क्षेत्र के नोनखारा गांव निवासी विनीता के पड़ोसी अनिल मिश्र का 12 वर्षीय बेटा सुशांत 26 जनवरी 2015 से गायब था।
अनिल को विनीता के पति लालू मिश्रा पर बेटे को गायब करने का शक था। 30 जनवरी 2015 को लालू ने नदी में जाल डलवाकर सुशांत का शव निकलवाकर अनिल के घर से सामने रखवा दिया।
इसके बाद लालू मामले की सूचना देने सांडी थाने बाइक से जा रहे थे। उसी दौरान अभियुक्त राघव, राममूर्ति व रानू ने पीछा करते हुए नोनखारा मोड़ पर लालू की बाइक में टक्कर मार दी।
इसके बाद तीनों लोग लालू को खींचकर गांव की तरफ लाने लगे। लालू की चीख सुनकर वादिनी, उसकी ननद अरुणा पांडेय, जेठानी रानी और देवर रामू व गांव के कई लोग मौके पर आ गए।
लालू को छोड़ने की गुहार करने लगे। तभी एक बाइक से लालू, रामप्रकाश व दूसरी से गोपाल व गोविंद आ गए। यह सभी लालू को जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर टपुआ गांव की ओर ले गए।
वादिनी व अन्य सभी लोग भी पीछा करते हुए सहा गांव पहुंचे। वहां टपुआ से उमरौली गांव जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास नरायनपुर मजरा में लालू का शव पड़ा मिला।
लालू की हत्या मारपीट व गोली मारकर की गई थी। विवेचना में पुलिस ने अभियुक्तों पर लगे आरोपों को सही पाया। विवेचक ने सभी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायाधीश ने बचाव व पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद नोनखारा दक्षिणी गांव निवासी रानू ,राघव, राममूर्ति पुत्र सोनेलाल मिश्रा, लाला उर्फ ओमप्रकाश पुत्र जगदेश मिश्रा, गोपाल पुत्र नंदराम मिश्रा व गोविंद पुत्र चेयरमैन को उम्र कैद व 32-32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।