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Hardoi News: हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

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हरदोई। 15 साल पुराने हत्या के एक मामले में श्याम सुंदर को दोषी करार देते हुए अपर जिला जज एफटीसी यशपाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार का जुर्माना भी लगाया।
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जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि बतौर क्षतिपूर्ति मृतक की पत्नी को देने का आदेश भी दिया है। इसी मामले में दो सह अभियुक्तों को करीब 12 साल पहले आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।

पिहानी कोतवाली क्षेत्र के बरखेरिया गांव निवासी अरुण ने 18 जून 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि घटना के करीब 20 वर्ष पहले भाई राजकुमार पड़ोस के ही सुरेश की पत्नी रामदेवी को अपने साथ ले गया था।
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करीब पांच वर्ष बाद स्थिति सामान्य होने पर राजकुमार और रामदेवी गांव में आकर रहने लगे थे। सुरेश इसी बात की रंजिश मानता था। 18 जून की रात करीब डेढ़ बजे राजकुमार अपनी पत्नी रामदेवी के साथ आम के बाग में लेटा था, तभी सुरेश व उसकी पत्नी पिंकी और एक अज्ञात आदमी ने धारदार हथियार से गला रेतकर राजकुमार की हत्या कर दी थी।

रामदेवी के चिल्लाने पर अरुण और रामशरण टॉर्च जलाते हुए आम के बाग में आ गए। सुरेश और उसकी पत्नी को पहचान लिया। थोड़ी ही देर में गांव के और लोग भी आ गए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। न्यायालय में पीड़ित अरुण की अर्जी पर श्याम सुंदर को 30 सितंबर 2010 को तलब किया गया था। पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज ने श्याम सुंदर को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इसी मामले में 13 जनवरी 2012 को सुरेश व उसकी पत्नी पिंकी को अपर जिला जज एफटीसी कोर्ट संख्या 15 की ओर से आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। अपील पर कोर्ट ने सुरेश और पिंकी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली थी। जमानत पर रिहा हुए पति-पत्नी में पत्नी पिंकी की मौत हो चुकी है और सुरेश जमानत पर है।
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