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तेंदुए के शोर ने बचा ली बच्ची की जान

Fri, 26 May 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
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 थानाक्षेत्र के ग्राम नकवापुर में गुरुवार रात भैंस को पानी पिलाने मां के साथ गई पांच वर्षीय बच्ची जब लापता हो गई तो मां ने तेंदुए का नाम लेकर शोर मचाना शुरू कर दिया। तेंदुआ का शोर सुन ग्रामीण बांका व भाला लेकर गांव के चारों ओर दौड़े, इसके करीब एक घंटे बाद बच्ची गांव से कुछ दूरी पर मिली। बच्ची ने बताया कि दो लोग उसका अपहरण कर स्कू ल ले गए थे लेकिन शोर मचने पर छोड़ कर भाग गए। यह सुन मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ग्रामीणों में इसी बात की चर्चा रही कि तेंदुए के शोर ने आज मासूम की जान बचा ली।
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थानाक्षेत्र के ग्राम नकवापुर में गुरुवार रात साढे़ नौ बजे के करीब राम सिंह की पत्नी रीनू अपनी पुत्री पांच वर्षीय बेटी प्रीति को लेकर नल पर भैंस को पानी पिलाने गई थी। कुछ देर बाद जब रीनू ने पीछे मुड़कर देखा तो बेटी लापता थी। बच्ची को गायब देख मां ने तेंदुए का नाम लेकर शोर मचाना शुरू कर दिया। आनन-फानन में ग्रामीण भाला, लाठी, बंाका लेकर घरों से निकल आए और आसपास के कई गांवों तक तलाश की लेकिन जब कुछ हासिल नहीं हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे एसआई अनिल सिंह अपनी टीम के साथ खोजबीन करते रहे। ग्रामीणों ने भी टुकड़ियों में गांव मुरोली कत्तलपुरवा, भावपुरवा, मसूदपुर, चौधरियापुर, तिराहा आदि कई जगह बच्ची को तलाशा लेकिन सफलता नहीं मिली।

अभी सब खोजबीन कर ही रहे थे कि गांव से कुछ दूर पर ग्रामीणों को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। सभी दौड़कर बच्चे के पास पहुंच गए। परिजनों ने उसके शरीर पर देखा तो कहीं किसी जानवर के निशान नहीं थे। लेकिन जब उससे पूछा गया तो पहले तो वह घबराहट के कारण कुछ नहीं बोल पाई लेकिन मां के समझाने पर बच्ची ने बताया कि कि अम्मा पानी पिला रहीं थीं। तभी दो आदमी में आए और एक ने उसका मुंह दबा कर गोदी में उठा लिया। फिर दलिया वाले स्कूल यानी प्राइमरी पाठशाला नकवापुर ले गए।
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जहां मिठाई खिलाने की बात कह ही रहे थे लेकिन लोगों की आवाजें सुनकर वह उसे स्कूल में ही छोड़कर भाग गए। उसका कहना था कि उन दोनों को उसने कभी नहीं देखा। इधर, एसआई अनिल सिंह ने भी बच्ची से उन दोनों का हुलिया पूछा तो वह रोते बिलखते कुछ और नहीं बता पाई। इधर, थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि घटनाक्रम निश्चित रूप से बता रहा है कि कोई अनहोनी हो सकती थी। लेकिन तेंदुए के खौफ से मचे शोर ने बच्ची की जान बचा दी। उनके पास कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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