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तेंदुए ने फिर फैलाई दहशत, बकरी को मारा

Fri, 26 May 2017 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
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जिले में तेंदुए का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा। आबादी की ओर आकर दहशत फैलाने वाला तेंदुआ अब बेजुबानों का शिकार कर रहा है। टड़ियावां के अमरावां में तीन दिन पूर्व चार बकरियों का शिकार करने वाले तेंदुए ने गुरुवार रात एक और बकरी का पेट फाड़कर उसका शिकार किया। शोरशराबा होने पर एक बकरे को पंजा मार घायल कर दिया। सूचना के बाद पुलिस व वन विभाग की टीम देर रात मौके पर पहुंच गई। कुल मिलाकर गांव में दहशत व्याप्त है।
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वन विभाग की डायरी को देखें तो अभी 22 मई की रात में टड़ियावां क्षेत्र के मइगांव अमरावां मजरा थोक खाला निवासी खुशीराम, जगदीश, बबलू की चार बकरियों को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। जिसके बाद उसे भागते हुए कुछ ग्रामीणों ने देखा भी था। सूचना पर वन विभाग की टीम ने गांव पहुंच कर पंजों के निशान देखे और तेंदुए के होने की पुष्टि की थी। गांव के लोग इस घटना को भूले भी नहीं थे कि एक बार फिर गुरुवार रात टड़ियावां क्षेत्र में ही तेंदुए ने ग्राम अमरावां में बकरी का शिकार कर लिया। गांव निवासी गिल्लू की बकरी को उसने अपना निवाला बनाकर गांव में मौजूदगी दर्ज करा दी।

वहीं भैंसरी निवासी सुरेश धोबी के बकरे पर भी हमला किया। जिसमें वह बाल-बाल बच गया। ग्रामीण दिवाकर, रामकिशन, बगौआ, मन्नी, जगदीश, दयाराम, डब्बू, रविंद्र, संतराम, रम्मन सिंह, आजाद, सोनू आदि शोर सुनकर इकट्ठे हो गए तो तेंदुआ वहां से भाग निकला। जिसे जाते हुए लोगों ने देखा। ग्राम प्रधान पति भैसरी भभूती सिंह ने बताया कि तेंदुआ गांव के पास पड़ोस में ही मौजूद है। जिससे बराबर खतरा बना हुआ है। शुक्र है की अब तक छोटे जानवरों को ही शिकार बनाया है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना यूपी 100 व वन विभाग की टीम को भी दी। वन रेंज अधिकारी विक्रम सिंह सचान ने मौके पर टीम भेजने एवं स्वयं मौके पर जाने की बात कही। बताया कि ग्रामीणों ने जब उसे स्वयं भागते देखा तो वह तेंदुआ ही है, इसमें कोई शक नहीं। बहराल टीम उसके पंजे आदि के निशान खोज रही है।
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सूखी जमीन पर नहीं मिल पा रहे पंजों के निशान
हरदोई। वन विभाग भले ही तेंदुए को न खोज सका हो लेकिन शहर के नजदीक अनंग बेहटा और टड़ियावां क्षेत्र के भैंसरी आदि गांव में पानी व छिपने का स्थान मिल जाने से तेंदुआ वहीं-कहीं अपना ठिकाना बनाए हैं लेकिन सूखी जमीन होने के चलते उसके पंजों के निशान वन विभाग की टीम को नहीं मिल पा रहे हैं। इससे वह पहुंच से दूर हैं। डीएफओ अतुल अस्थाना ने बताया कि ऐसा नहीं है कि तेंदुआ को लेकर वन विभाग की टीम शांत बैठी है लेकिन उपलब्ध संशोधनों से ही वह उसे तलाश कर सकते हैं। उसके ठिकाने का पता चल जाए तो वाइल्ड लाइन की टीम बुलाकर उसे पकड़ाया जा सकता है।
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