हरदोई। उप्र लेखपाल संघ की उप शाखा तहसील सदर के बैनर तले मंगलवार को लेखपालों ने वेतन विसंगति समेत लंबित चल रही आठ मांगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील में विरोध प्रदर्शन किया और हड़ताल पर चले गए। पदाधिकारियों ने कहा कि सभी मांगें जायज हैं, सरकार आश्वासन नहीं शासनादेश जारी करे।
धरने की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि एसीपी विसंगति, पेंशन विसंगति व बाइक भत्ता समेत लंबित चल रही सभी आठ मांगें लेखपालों के हित से जुड़ी हैं। शासनादेश निर्गत न होने पर मजबूरन लेखपालों को आंदोलन की राह अपनानी पड़ी। श्रवण कुमार ने कहा कि शासन-प्रशासन लेखपालों से दूसरे विभागों का काम भी ले रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकार संगठन की मांगों पर विचार व कार्रवाई नहीं कर रही है। राजीव लोचन पंत ने कहा कि सरकार को जल्द इस संदर्भ में शासनादेश जारी करना चाहिए। धरने में राकेश कुमार, कृष्ण किशोर श्रीवास्तव, कमलेश शास्त्री, आदेश द्विवेदी, वेद प्रकाश व महेश चंद्र ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनील यादव, जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा, तहसील शाखा मंत्री श्रीपाल वर्मा समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
शाहाबाद प्रतिनिधि के अनुसार लेखपाल तीन दिन की कलम बंद हड़ताल पर चले गए। संघ के तहसील शाखा अध्यक्ष नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि आठ सूत्री मांगों को लेकर संगठन पांच नवंबर से आंदोलनरत है। इसके बाद भी सरकार समस्याओं का संज्ञान नहीं ले रही है। यहां अनिल कुमार शुक्ला, सुरेश चंद्र, राम प्रताप मिश्रा, आशीष कुमार वाजपेयी, विजय प्रकाश, सतीश चंद्र, अनिल कुमार त्रिपाठी, श्यामजी अवस्थी, अवधेश कुमार, संजय कुमार शुक्ला व अजय कुमार रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
संडीला प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों ने तहसील शाखा अध्यक्ष सत्यपाल की अगुवाई में तहसील परिसर में धरना दिया। बताया कि 12 तारीख तक तहसील मुख्यालय पर पूर्णतया हड़ताल रहेगी। यहां मंत्री सुशील गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, अनिल शुक्ला, अशोक वाजपेयी, रितेश यादव, अनामिका तिवारी, मोहम्मद सलमान आदि मौजूद रहे। सवायजपुर प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों ने तहसील अध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा की अगुवाई में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर संघ के मंत्री रामनाथ, रामविलास आजाद, रामचंद्र राजपूत, हरिशंकर यादव, कुश मंगल सिंह, विनोद कुमार, सत्येंद्र सिंह व अभिषेक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।