फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोड़ दो आस, नहीं बुझेगी प्यास

Sun, 08 May 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
विज्ञापन
खराब हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हरदोई। पानी के लिए परेशान लोग इस साल हैंडपंप रिबोर होने की उम्मीद न करें, क्योंकि विधायकों ने अभी तक जल निगम को रिबोर और नए हैंडपंप लगाने के प्रस्ताव ही नहीं भेजे हैं। सभी विधायकों के प्रस्ताव मिलने पर ही जलनिगम शासन को प्रपोजल भेज पाएगा और तभी वहां से बजट जारी होगा। विधायकों, एमएलसी की सुस्ती देखकर नहीं लगता की इस गर्मी में उनके प्रस्ताव शासन तक पहुंच पाएंगे और जिले को पैसा मिल जाएगा।
विज्ञापन


 जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 47300 हैंडपंप लगे हैं। जल निगम के आंकड़ों के अनुसार इसमें 3300 हैंडपंप रिबोर के लायक हैं। गर्मी बढ़ने के साथ हैंडपंप खराब होने की शिकायतें भी अधिकारियों के पास पहुंचने लगी हैं। तहसील दिवसों में भी हैंडपंप रिबोर की शिकायतों का आंकड़ा बढ़ गया है। हैंडपंप रिबोर कराने के लिए जल निगम के भी हाथ बंधे हैं। उसके पास न ही पैसा है और न ही विधायकों ने अभी तक प्रस्ताव ही भेजे हैं।

दरअसल शासन ने इस बार से हैंडपंप रिबोर कराने की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब जिले के सभी आठ विधायकों अपने-अपने क्षेत्रों मेें 100 हैंडपंप रिबोर कराने और 100 नए लगवाने के प्रस्ताव जल निगम को भेजने हैं। इसके अलावा चार एमएलसी भी जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के एमएलसी मिस्बाहउद्दीन का कार्यक्षेत्र केवल हरदोई है जबकि तीन अन्य एमएलसी के क्षेत्र में कई-कई जिले शामिल हैं। इसमें से केवल संडीला विधायक महावीर सिंह ने ही अभी तक जल निगम को रिबोर और नए हैंडपंप लगाने के प्रस्ताव भेजे हैं।
विज्ञापन


विधायकों और एमएलसी से प्रस्ताव मिलने के बाद जल निगम पूरे जिले का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा। तब कही जाकर शासन रीबोर और हैंडपंप लगाने के लिए बजट जारी करेगा। मई के छह दिन बीत गए और केवल एक ही विधायक ने प्रस्ताव भेजा है। सात विधायक और चारों एमएलसी ने अभी तक जलनिगम से संपर्क ही नहीं किया है। ऐसे जब तक उनके प्रस्ताव आएंगे व जल निगम का प्रजोजल शासन को जाएगा और शासन से बजट मिलने की प्रक्रिया पूरी होने तक मानसून आ जाएगा। ऐसे में नहीं लगता भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान लोगों की समस्या इस गर्मी दूर हो पाएगी। दरअसल जिले की आबादी 40 लाख से अधिक पहुंच गई है। हैंडपंप के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रति हैंडपंप 80 से 85 लोगो  निर्भर हैं। बढ़ी संख्या में हैंडपंप खराब होने चालू हैंडपंपों पर लोड बढ़ता जा रहाहै। इससे वे हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं।
 

अभी तक हमें केवल विधायक महावीर सिंह ने प्रस्ताव दिए हैं। सभी विधायकों और एमएलसी की सूची आने प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा जाएगा। उसकी आधार पर जिले को बजट आवंटित होगा। बजट मिलने पर ही हम काम शुरू करा पाएंगे। अभी तक हमारे पास हैंडपंप रिबोर कराने के लिए कोई बजट नहीं हैं, हां लोहिया गांवों के लिए जरूर शासन कुछ बजट की अतिरिक्त व्यवस्था कर दी है।
एपी यादव एक्सईएन जल निगम, हरदोई

हैंडपंपों से सांय सांय की आवाज
हरदोई शहर, बिलग्राम, हरपालपुर ,सांडी , माधौगंज ,मल्लावां , भरखनी,  सुरसा, अहिरोरी,  टडियावां, बावन, हरियावां ,पिहानी, शाहाबाद, टेाडरपुर में  संडीला, बेंहदर्र, कोथावां, कछौना, भरावन  क्षेत्रों में  औसतन एक  से डेढ़ मीटर तक इस वर्ष जल स्तर गिर चुका है। शहर में जल स्तर गिरने से पुरानी बोरिंग फेल होने के साथ नई बोरिंग कराने के लिए पहले की अपेक्षा ज्यादा गहराई तक बोरिंग करानी पड़ रही है हैंडपंपों से सांय सांय की आवाज आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें