हरदोई। लर्निंग लैब के लिए पूरी तरह से अभी तक एक भी आंगनबाड़ी केंद्र तैयार नहीं हो पाया है। प्रथम चरण में प्रत्येक विकास खंड से एक-एक केंद्र को चयनित किया गया है। इन केंद्रों पर 18 पैरामीटर की सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाने हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के माध्यम से संचालित 20 में से 19 ग्रामीण क्षेत्र की बाल विकास परियोजनाओं में एक-एक केंद्र को मॉडल के रुप में विकसित कर लर्निंग लैब बनाया जा रहा है। इन केंद्रों पर ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से पंचायतों से काम कराया जाना है। लर्निंग लैब के लिए तय 18 पैरामीटर से कई केंद्रों पर 16-17 काम कराए जा चुके हैं लेकिन, एक-दो पैरामीटर के काम न होने से वह पूरी तरह से संतृप्त की श्रेणी में नहीं आ पाए हैं।
यह हैं 18 पैरामीटर
लर्निंग लैब बनाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए आने वाले बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए सुरक्षित व साप पेयजल, पानी की टंकी व पाइपलाइन से आपूर्ति, सभी श्रेणी के शौचालय, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट, फर्श का टायलीकरण, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पुताई के साथ चित्रकारी, रेलिंगयुक्त रैंप, विद्युत कनेक्शन, लाइट और पंखा, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल व गेट, रसोईघर सिंक सहित बनवाया जाना है।
यह चयनित हुए आंगनबाड़ी केंद्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी का कार्यभार देख रहे सीडीपीओ रजनीश चौधरी ने बताया कि बिलग्राम, कोथावां, अहिरोरी, बावन और हरियावां के केंद्रों पर एक से दो पैरामीटर में ही काम कराया जाना शेष है। जिससे यह केंद्र लर्निंग लैब के मानक में आ जाएंगे। बीडीओ के माध्यम से शेष बचे पैरामीटर के काम कराए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पनुवायर, ककरैया, करलावां, गंज भरावन, मदनापुर, बसहर, अटवा द्वितीय, ललुआमऊ प्रथम, कलौली प्रथम, रुदामऊ प्रथम, राजेपुर, हन्नपसिगवां, छीतेपुर, नारायणपुर प्रथम, मिठनापुर, बड़ी मेड़ू, गद्दीपुर और सैदपुर केंद्र को लर्निंग लैब के लिए चयनित किया गया है।