जिले में मनरेगा श्रमिकों के फर्जी मस्टर रोलों पर हो
रहे भ्रष्टाचार की जांच कराने सहित सात सूत्री मांगोें को लेकर शनिवार को
युवा अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री को
संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप कर कार्रवाई की मांग की।
युवा
अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि अब समय आ गया कि जब शासन को इस जिले
में अपना ध्यान आकृष्ट कर जनहित की समस्याओं की ओर भी देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिले में ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे में हो
रही धांधली और भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
मनरेगा श्रमिकों
के फर्जी मस्टर रोल बनाकर मनरेगा में किए जा रहे भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय
जांच कराई जाए और योजना में पारदर्शिता लाई जाए। पटरी दुकानदारों के साथ
अतिक्रमण हटाने के नाम पर किए जाने वाले अमानवीय कृत्य और शोषण पर लगाम
लगाने के लिए उनको दोबारा स्थापित करने की पूर्व योजना बनाकर शहर को
अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के
लिए जिला चिकित्सालय सहित तमाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों
एवं स्टाफ की नियुक्ति तत्काल की जाए। इस मौके पर युवा अधिवक्ताओं ने
जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया तथा मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन
जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर कार्रवाई कराए जाने की मांग की।
ज्ञापन में उक्त के अलावा जिले में संचालित राजकीय एवं शासक ीय सहायता
प्राप्त महाविद्यालयों में टीचरों की कमी को तत्काल दूर कराए जाने और
अर्जुन पुल के निर्माण की मांगे भी शामिल रही। इस मौके पर प्रदीप सिंह,
योगेंद्र सिंह, जीतेंद्र, जनार्दन दीक्षित, शादाब अली, मोहम्मद जुनैद,
देवेश कुमार मिश्र, अमोल सिंह आदि लोग मौजूद थे।