पढ़ने व सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन नवरात्र के दिनों में मां की भक्ति में लीन जिलेवासियों को देवी शक्ति से ही गुरेज है। लिंगानुपात जहां 1000 के सापेक्ष 868 पर सिमटा है। वहीं बेटियों की जन्म दर को भी 899 पर ही संकुचित कर दिया गया है। जबकि यही जन्मदर वर्ष 2001 में 914 थी। कहना गलत न होगा कि 15 साल में जिलेवासियों ने बेटियों के साथ सौतेला रूख अपना रखा है।
नवीन सरकारी आकंड़ों की मानें तो 2011 जनगणना में जिले की आबादी 40 लाख 92 हजार 845 है। जिसमें एक हजार पुरुषाें के सापेक्ष स्त्रियों की संख्या 868 अंकित की गई है। जिससे साफ जाहिर है कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का हक देने वाला यह समाज अभी भी जन्म में ही बराबरी का दर्जा नहीं दे पाया है तो आगे उम्मीद क्या की जाए। हैरानी की बात ये है कि वर्ष 2001 की जनगणना में जन्म की बात करें तो बेटियाें की संख्या 1000 बेटों के सापेक्ष 914 थी। जो लगातार घटती जा रही है और अब 899 पर आकर ठहर गई है।
कड़े किए जाएंगे नियम- डीएम
डीएम विवेक वार्ष्णेय का कहना है कि यह जिला ही नहीं पूरा प्रदेश इस विषय पर चिंतित है। सेक्स रेसियो में यदि कमी लगातार आती जा रही है तो उस संबंध में विभाग से जानकारी लेकर निर्देश जारी किए जाएंगे।
जनगणना बताती है कि जिले में कन्या रूपी देवी की है कमी
वर्ष 2001 की जनगणना के बाद वर्ष 2011 में हुई जनगणना के बाद जनसंख्या तो सात लाख से अधिक बढ़ गई। लेकिन पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों की संख्या कम रही। पुरुष जहां 22 लाख चार हजार 264 रहे। वहीं महिलाओं की संख्या 18 लाख 87 हजार 116 रही। इसके अलावा जीरो से छह वर्ष की बच्चियों की संख्या भी लगातार गिरती जा रही है।
इंसेट
यह है जिले में जीरो से छह वर्ष के बालक व कन्याएं
ग्रामीण क्षेत्र
तहसील बालक कन्याएं
शाहाबाद 55711 50217
सवायजपुर 39913 35381
हरदोई 80986 73413
बिलग्राम 43829 40032
संडीला 99032 75326
इंसेट
शहरी क्षेत्र में यह है बालिकाओं का हाल
शहरी क्षेत्र बालिका
शाहाबाद 5569
पिहानी 2758
गोपामऊ 1283
हरदोई 11528
पाली 1387
सांडी 1998
बिलग्राम 588
माधौगंज 2304
मल्लावां 2371
कुरसठ 345
कछौना पतसेनी 995
बेनीगंज 537
संडीला 3725