कछौना। लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर सुठेना में निर्माणाधीन अंडरपास के लिए खोदाई के दौरान मिट्टी ढह गई। इससे यहां काम कर रहे पांच मजदूर मिट्टी के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे साथी मजदूरों ने चार लोगों काे बाहर निकाल लिया, लेकिन पांचवां मजदूर नहीं मिला। इसकी तलाश में पोकलैंड मशीन लगाई गई। इस दौरान उसका का शव भी मिल गया।
औरैया जनपद के दिबियापुर थाना क्षेत्र के रोहली निवासी हरी कुमार (55) मजदूरी करते थे। वह पिछले कई माह से सुठेना में निर्माणाधीन अंडरपास में काम कर रहे थे। शुक्रवार की दोपहर लगभग 12 :30 बजे यहां पोकलैंड मशीन से गड्ढे की खोदाई हुई थी। इसके बाद मजदूर यहीं काम कर रहे थे। इसी बीच मिट्टी ढह गई। इसके नीचे हरी कुमार के साथ ही सुठेना निवासी सरन (25), सोनू (23), दिव्यांशू (27) और पिंटू (25) भी दब गए। शोर सुनकर आसपास काम कर रहे मजदूर भी मौके पर पहुंच गए।
मिट्टी हटाकर सरन, सोनू, दिव्यांशू और पिंटू को बाहर निकाला गया। मौके पर ही डॉक्टर बुलाकर इनका प्राथमिक उपचार कराया गया। चारों की हालत खतरे से बाहर है। इस सबके बीच पोकलैंड की मदद से मिट्टी हटाई गई, तो हरी कुमार का शव मिला। शव मिलने की सूचना पर कछौना कोतवाल छोटेलाल मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने बताया कि रेलवे के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है, लेकिन देर शाम तक रेलवे के कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
इनसेट
डेढ़ घंटे बाद निकला हरी कुमार का शव, पोकलैंड के पंजे से कट गया बायां हाथ
औरैया निवासी हरी कुमार मिट्टी के ढेर के नीचे काफी गहराई में दब गए थे। पहले तो मजदूर मिट्टी हटाकर उनकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई आहट न मिलने पर पोकलैंड मशीन की मदद ली गई। इसी बीच हरी कुमार का शव निकला। पोकलैंड मशीन के पंजे से शव का बायां हाथ भी कट गया था।