सवायजपुर। भरखनी ब्लाक के एक विद्यालय की सूरत यहां बनाए गए किचन गार्डन से संवर रही है। हरे-भरे गार्डन में सब्जियां उगाकर इससे होने वाली आय से स्कूल में सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं। यहां के शिक्षक के इस प्रयास पर विभागीय अधिकारियों ने बधाई दी है।
भरखनी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कनकापुर लाल के हेड मास्टर मो. आरिफ ने विद्यालय परिसर में लॉकडाउन के बाद किचन गार्डन विकसित किया है। ये क्षेत्र के अन्य स्कूलों के लिए मिसाल है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कम संसाधनों के बीच स्कूल परिसर में एक बीघा भूमि को उन्होंने लगन से हरे भरे किचन गार्डन में तब्दील कर दिया। वह इस किचन गार्डन में मूली, मिर्च, मेथी, सेम, प्याज, लौकी, तोरई, धनिया, मटर अरहर, आलू आदि सब्जियां उगा रहे हैं। इनका प्रयोग स्कूल में मिड-डे मील में भी होता है और बेचकर जो आय होती है, उससे स्कूल में सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। (संवाद)
मिड-डे मील के लिए मिलेंगी शुद्ध सब्जियां
योजना से शिक्षा विभाग को मिड-डे मील के लिए मंडी से सब्जियां नहीं लानी पड़ेंगी। किचन गार्डन की सब्जियों की गुणवत्ता भी बाहर की सब्जियों से कहीं ज्यादा अच्छी होगी।
छात्र छात्राओं को मिलेगी कृषि संबंधी जानकारी
स्कूलों में किचन गार्डन की सुविधा होने से छात्रों को शिक्षा के साथ कृषि संबंधी ज्ञान भी मिलेगा। इन किचन गार्डन से सब्जियों और फलों में बीमारियों की पहचान, मौसम की मार, खाद व उर्वरक का प्रयोग, समयानुसार सिंचाई सहित उनकी देखभाल आदि की जानकारी छात्र-छात्राएं शिक्षक से ले सकेंगे।
विद्यालय पर एक नजर
प्रधानाध्यापक मोहम्मद आरिफ, शिक्षिका सुशीला, बच्चे 138, बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ वर्ष 2018 में।
आलू की फसल से हुई आय तो लगवाया सबमर्सिबल
प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में आलू की फसल कराई और आय से सबमर्सिबल लगवाया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि किचन गार्डेन की देखभाल के लिए गांव के हुकुमचंद को चौकीदार के रूप में रखा है। जो आय होती है, उससे उनकी तनख्वाह निकालते हैं।
वर्जन
जिन स्कूलों में जगह उपलब्ध होगी, वहां किचन गार्डन बनाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि अभी इस व्यवस्था के तहत लगभग 100 स्कूल ही तैयार किए गए हैं। - इंद्र प्रताप सिंह, बीईओ भरखनी