हरदोई। अहिरोरी विकास खंड की 15 ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के नाम पर हुए खेल का मामला तूल पकड़ गया है। मनरेगा उपायुक्त ने अहिरोरी के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और एडीओ सहकारिता को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। पौधरोपण से जुड़ी पूरी पत्रावली भी तलब की गई है।
अहिरोरी में पौधरोपण के नाम पर जिम्मेदारों ने अपनी ही जेबें भर लीं। 15 ग्राम पंचायतों में 19 स्थानों पर पौधरोपण कराने के लिए पौधे की खरीद पर छह लाख 61 हजार 99 रुपये खर्च कर दिए। इन पौधों की रोपाई पर महज 8,643 रुपये ही खर्च हुए। जबकि वन विभाग द्वारा निशुल्क पौधे दिए जाते हैं। अमर उजाला ने पूरे मामले का खुलासा मंगलवार के अंक में किया था।
इसको संज्ञान में लेकर मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने अहिरोरी के खंड विकास अधिकारी अमरेश सिंह चौहान और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) से स्पष्टीकरण तलब किया है। 28 नवंबर को पौधरोपण से जुड़ी सभी पत्रावलियां भी मनरेगा उपायुक्त ने तलब की हैं। मनरेगा उपायुक्त की ओर से बीडीओ अहिरोरी और एडीओ आईएसबी को जारी नोटिस में कहा है कि ऑनलाइन दर्ज ब्योरा वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर रहा है।
ऐसे में संबंधित 15 ग्राम पंचायतों के 19 कार्यस्थलों की पूरी पत्रावली देखना जरूरी है। मनरेगा उपायुक्त ने कहा कि 28 नवंबर तक स्पष्टीकरण का जवाब और अभिलेख नहीं दिखाए तो विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति शासन से की जाएगी।
शाहाबाद और टोडरपुर में भी खलबली
अहिरोरी के जिम्मेदारों को नोटिस दी गई है लेकिन इसका असर शाहाबाद, टोडरपुर व टड़ियावां तक दिख रहा है। इन ब्लाकों के जिम्मेदार भी पौधरोपण के दौरान हुए कारनामों पर पर्दा डालने में लग गए हैं।