लखनऊ-हरदोई रेल मार्ग पर करीब चार फीट का पत्थर रख अराजक तत्वों ने ट्रेन पलटाने की साजिश रच दी। संयोग से यात्री ट्रेन से पहले अप ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई और चालक की निगाह डाउन ट्रैक पर रखे पत्थर पर पड़ गई। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना बुधवार की है। मालगाड़ी के चालक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। पहले तो स्थानीय अधिकारी मामले को दबाते रहे, लेकिन शुक्रवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने बघौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लखनऊ-हरदोई रेल मार्ग के डाउन लाइन (लखनऊ की ओर) पर बुधवार शाम लगभग छह बजे बघौली के पास नहर पुल के नजदीक अराजक तत्व ने चार फीट का पत्थर का टूकड़ा रख दिया। कुछ ही देर बाद इस ट्रैक पर अवध-असम एक्सप्रेस व अमरनाथ एक्सप्रेस को गुजरना था। इस ट्रैक पर सामान्य तौर पर 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें गुजरती हैं।
इन ट्रेनों के आने से पहले ही अप ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई। लखनऊ से दिल्ली जा रहे मालगाड़ी के चालक ने डाउन ट्रैक पर पत्थर का टुकड़ा देखते ही कंट्रोल रूम को सूचना दी। महकमे के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हुए। कुछ ग्रामीणों से संपर्क कर ट्रैक पर रखा पत्थर हटवा दिया गया। गैंगमैन भी इलाके में भेजे गए। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि जहां पत्थर रखा गया, उस इलाके में करीब सवा पांच बजे गैंगमैन ने पेट्रोलिंग की थी। इसके बाद ही पत्थर रखा गया। इस मामले को रेलवे के स्थानीय अधिकारी बेहद गोपनीय रखे। प्राथमिक छानबीन के बाद शुक्रवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बघौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रचने की बात कही गई है। बघौली थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि धारा 150 समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना की जा रही है।