दिल के साथ खिलवाड़ अब महंगा पड़ रहा है। अधिक धूम्रपान और कोलेस्ट्रोल युक्त भोजन जहां नगरीय क्षेत्रों के बाशिंदों के दिलों को नुकसान पहुंचा रहा, वहीं अब ग्रामीण भी इसकी चपेट में आने लगे। इसका खुलासा लखनऊ से आई हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रिया ने किया। उन्होंने कहा कि 40 से 50 फीसदी हृदयरोगी ग्रामीण क्षेत्रों से आने से कार्डियोलाजिस्ट भी चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि इसका प्रमुख कारण खेतों में मशीनों का उपयोग होने से किसानोें की शारीरिक मेहनत कम हुई है। इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विवेकानंद पाली क्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ से आई हृदयरोग विशेषज्ञ चिकित्सक डा. प्रिया ने बताया कि शहरी लोगों के अलावा 40 से 50 फीसदी हृदय घात के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज होने से कार्डियोलाजिस्ट भी हैरान हैं।
इसकी प्रमुख वजह सभी शहरी संसाधन गांव तक में दाखिल हो चुके हैं। जिससे परिश्रम की प्रवृत्ति घटी है। मशीनों की उपलब्धता से चलने से लेकर खेती बाड़ी में भी शारीरिक श्रम की गुंजाइश सिकुड़ रही है। गांव में उच्च रक्त चाप, डाइबिटीक स्मोकिंग, तंबाकू सेवन व कोलेस्ट्रालयुक्त खान पान से हृदय जवाब देने लगा है।
हृदयरोग विशेषज्ञाें का कहना है कि सर्दी के मौसम मेें हृदय रोगियों को ऐहतियात बरतना चाहिए। अधिक पारा गिरने पर रक्त का संचार ठीक तरह से नहीं होता, जिससे हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। डा. श्वेता ने बताया कि दिल के रोगियो में धूम्रपान से हृदय रोगी होने वालों की संख्या बढ़ी है। धूम्रपान का फेफड़े के विकार से संबंध है। इससे हृदय रोग होने का खतरा होने की काफी हद तक संभावना रहती है।
धूम्रपान का असर न केवल कोरोनरी यानी हृदय में होता है, बल्कि मस्तिष्क की धमनियों में एवं अन्य धमनियों मे भी साफ तौर पर दिखाई देता है। जिस वजह से केवल हृदय रोग ही नहीं बल्कि स्ट्रोक एवं अन्य रोगों का भी खतरा बढ़ जाता है। सिगरेट से निकलने वाले धुएं में करीब 4000 पदार्थ होेते हैं। जिनमें निकोटीन, कार्बन मोनोक्साइड, अमोनिया, बेंजीन, नाइट्रोबेंजीन, फिनाल, हाइड्रोजन साइनाइड, टूलीन जैसे जहरीले पदार्थ होते हैं। बताया कि निकोटीन जैसे पदार्थ का मुख्य असर हमारे शरीर में दो हारमोन एड्रीनेलीन एवं नार एड्रीनेलीन को बढ़ावा देना है।
जिनकी वजह से हृदय की गति बढ़ जाती है एवं हमारा रक्त चाप भी बढ़ता है, जिससे हृदय गति में कई अनियमितता भी पैदा होती है। निकोटीन का असर रक्त में संचारित प्लेटलेट कोशिकाओं पर भी होता है, जो हमारे शरीर में क्लाट बनाती है। जिससे कि कोरोनरी धमनियों रक्त के बहाव में अवरोध होने से हार्ट अटैक हो सकता है। डा. प्रिया ने जमने वाली चिकनाई, अंडा, मांस, मद्य और धूम्रपान को दिल की सेहत के लिए घातक करार दिया।
उन्होंने कहा कि यदि आहार व्यायाम को ठीक रखा जाए और मन प्रसन्न रहे तो व्यक्ति दिल के रोगों से बचा रहेगा। उनके अनुसार रेशेदार आहार, तेजगति से सुबह की सैर, प्राणायाम और ध्यान से व्यक्ति स्वस्थ बना रहेगा। उसको हृदय संबंधी समस्या नहीं हो सकती। उन्हाेंने रोगियों को जागरूक करते हुए बताया कि लहसुन, एलोबेरा, मट्ठा, भीगे हए बादाम तथा खट्टे फल उपयोगी हैं। उन्होंने नमक को विष के समान घातक बताया।
इंसेट---
ओरल फाइब्रेसिस के भी शिकार हो रहे युवा
हरदोई। डा. प्रिया व डा. श्वेता की माने तो तंबाकू से होने वाले सेवन में देखने में आया है कि युवा वर्ग काफी आकर्षित हो रहा है, इससे गले व मुंह का कैंसर तीव्र गति से हो रहा है। मुंह में छाले पड़ रहे हैं। तंबाकू के अधिक सेवन के बाद रोगों के लक्षणों में यह भी देखा जाता है कि मुंह में छाले पड़ जाते है। या फिर मुंह सिकुड़ जाता है। इसे ओरल फाइब्रोसिस कहते हैं।
इंसेट---
घोषणा के बाद भी नहीं मिला कार्डियोलाजिस्ट
हरदोई। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने करीब एक साल पहले ट्रामा सेंटर के उद्घाटन पर जिला अस्पताल में कार्डियोलाजिस्ट जल्द मुहैया कराने की घोषणा की थी। इसके बाद भी अब अस्पताल में कोई कार्डियोलाजिस्ट तैनात नहीं हो सका। जिसके चलते लाखों की लागत से जिला अस्पताल में बना हृदय रोग विभाग ठप पड़ा है।
यहां मौजूद आईसीयू रूम आदि भी बंद ही पड़े रहते हैं। जिसके चलते हृदय रोगियों को या तो निजी चिकित्सकों के पास या फिर आस पास के जनपदों के चिकित्सकों के यहां दौड़ लगानी पड़ती है।
इंसेट---
शिविर में दिल के रोगियों का हुआ परीक्षण
हरदोई। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम व विवेकानंद पाली क्लीनिक के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को अवध हास्पिटल न्यू सिविल लाइंस पर निशुल्क हृदय शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें करीब एक सैकड़ा से अधिक मरीजोेें के दिल की जांच कर उन्हें स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए।
डा. प्रिया एवं डा. श्वेता ने ईसीजी ब्लड शुगर की जांच की। हृदय रोग से संबंधित उपचार की जानकारी चिकित्सकों द्वारा प्रदत्त की गई। इस मौके पर सह सचिव अवनीश कुमार सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, भावेश मिश्र, देश दीपक शर्मा, रामकृष्ण त्रिवेदी, रूबेश पाल, अंकुर मिश्रा, हर्ष त्रिवेदी आदि मौजूद थे।
इंसेट---
हार्टअटैक से बचने को ये करें---
नियमित रूप से कम से कम दो घंटे करें व्यायाम, शरीर के वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें, शाकाहारी बनें, हरी सब्जियों और सलाद का सेवन करें, तीन बार खाना खा सकते, पर कंट्रोल रखें, सर्दी में गर्म कपड़े पहने, ब्लड प्रेशर कम न होने दें, नियमित जांच कराएं और दिक्कत होने पर डॉक्टर के पास चेकअप को जाएं, सर्दी में हल्का भोजन करें, क्योंकि पाचन क्रिया शिथिल रहती है, जंक फूड या चिकनाई युक्त खाना खाने से बचें।
इंसेट---
हार्टअटैक के लक्षण---
सीने के बीचों बीच या दाएं-बाएं भारीपन लगे, दर्द दाहिने हाथ की ओर या दोनों ओर फैल रहा हो, कंधे, जबड़े और गर्दन में दर्द हो रहा हो, व्यायाम करने पर दर्द बढ़ रहा हो और आराम करने पर कम हो रहा हो, ज्यादा पसीना आ रहा हो और सांस फूल रही हो।