गांधी भवन में आयोजित आशा बहुओं के सम्मेलन में अपने
क्षेत्रों में अच्छा कार्य करने वाली 57 आशा बहुओं को डीएम रमेश मिश्रा ने
पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया और कहा कि सभी आशा बहू अपने गांवों में
मनचलों एवं शोहदों पर नजर रखें और अराजक गतिविधि होते ही हमारे मोबाइल नंबर
पर उसका नाम, पता सहित पूरा विवरण एसएमएस करें, ताकि ऐसे तत्वों को जेल
भेजा जा सके।
डीएम ने कहा कि आशा बहू स्वास्थ्य सेवा के साथ ही समाज
सेवा कर समाज को अपराध मुक्त बनाने में अपना योगदान करें। डीएम की बात सुन
कर न केवल आशा बहुओं का उत्साह बढ़ गया, बल्कि उन्होंने डीएम का सीयूजी
नंबर 9454417556 भी नोट कर लिया।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से
आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए डीएम ने आशा बहुओं का उत्साह बढ़ाया और
परिवार नियोजन के प्रति अलख जगाने तथा जनसंख्या नियंत्रण को प्रभावी बनाने
की आह्वान किया। सम्मानित होने वाली 57 आशा बहुओं में प्रथम पुरस्कार
पाने वाली आशा को 5000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार पाने वाली को दो हजार रुपये
और तृतीय पुरस्कार पाने वाली आशा को एक हजार रुपये की चेक दी गई।
सीएमओ
डा. वीके गुप्ता ने कहा कि आशा बहुओं का योगदान स्वास्थ्य विभाग के सभी
कार्यक्रमों में सराहनीय है। सभी के मानदेय के भुगतान को निर्देश दिए गए
हैं और भुगतान में पारदर्शिता लाने को सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। इस
मौके पर सीएमएस डा. अनीता सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, अपर
चिकित्साधिकारी डा. आरपी रावत, डा. एससी प्रसाद, डा. विजय कुमार, जिला
कार्यक्रम प्रबंधक सुजीत सिंह आदि मौजूद थे।
संचालन अजय शर्मा ने किया।
उधर, मीना देवी, शशी देवी, सुधा देवी, शीतला देवी, अमिता देवी, सुनीता
सिंह, शांती देवी, नीलम, उर्मिला देवी, गीता, पूनम देवी, सुनीता देवी,
मधुलता, राधा, नन्हीं देवी, उर्मिला देवी, प्रतिभा सिंह, रजविंदर कौर और
निर्मला रानी को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
वही रुकसाना, नीलम सिंह, गीता
देवी, संगीता गुप्ता, विनादेनी पांडेय, कमला देवी, कृष्ण मुरारी, शांती,
नीलम, सुशीला देवी, ममता देवी, उर्मिला, विजय लक्ष्मी, ललिता, शर्मिला
देवी, रेश्मा देवी, ऊषा देवी, सविता देवी, शोभारानी को द्वितीय पुरस्कार,
जबकि विमला, विमला देवी, मधु देवी, मानू रीता, गीता गुप्ता, जानकी देवी,
बेबी, राजेश्वरी, सुशीला, लौंगेश्वरी, आशा देवी, कुसुमा, राम देवी, सुनीता
यादव, शांती देवी, वंदना शुक्ला, कीर्ति देवी, लज्जावती, मिथिलेश कुमारी को
तृतीय पुरस्कार दिया गया।