कौशांबी से एक स्कूली छात्रा का 40 दिन पहले अपहरण कर
बिक्री को शाहजहांपुर लाया गया। जहां बोली लगाने के दौरान भरखनी ब्लाक के
पछोहा क्षेत्र का एक व्यक्ति 40 हजार रुपये में खरीदकर लाया। मामला जब
कोर्ट मैरिज के लिए शाहाबाद आया तो वकील ने संदेह होते ही सक्रि यता दिखाते
हुए लड़की को न केवल बचाया, बल्कि सकुशल उसके परिजनों के पास तक पहुंचाने
में अहम भूमिका अदा की।
उधर, भांडा फूटने का शक होते ही कोर्ट मैरिज
कराने आए लोग फुर्र हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जनपद कौशांबी के
थाना मंजनपुर अंतर्गत रहने वाली बालिका करीब 40 दिन पहले स्कूल की छुट्टी
होने के बार साइकिल से घर लौट रही थी। रास्ते में अमरूद के बाग के पास एक
वृद्ध महिला ने तीन युवकों के साथ उसका अपहरण कर लिया।
कई जगह पड़ाव डालने
के बाद अपहरणकर्ता उसे कुछ दिन पहले शाहजहांपुर लाए। जहां उसकी बिक्र ी के
लिए बोली लगाई गई। ब्लाक भरखनी के पछोहा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने उसे 40
हजार रुपये में खरीदा। इधर, एक युवक तहसील मेें अधिवक्ता संघ के महामंत्री
विमलेश लोधी से मिला और कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया पूछी।
वकील ने आईडी
के साथ आयु प्रमाण पत्र लाने की हिदायत दी। तब युवक ने दोनों चीजें मुहैया
कराने में असमर्थता व्यक्त की। जिस पर वकील ने लड़की को दिखाने की सलाह दी।
विगत दिवस आधा दर्जन लोग लड़की के साथ महामंत्री लोधी के मकान पर देर शाम
पहुंचे।
बालिका की कम उम्र देखकर वकील को संदेह हुआ जिस पर उन्होंने पूछताछ
की तो छात्रा ने सारी आप बीती बताई। वकील द्वारा एसडीएम अशोक शुक्ला व
कोतवाल को फोन कर सारी हकीकत से अवगत कराते हुए लड़की को अपनी पत्नी की
सुरक्षा में दे दिया।
उधर, भांडा फू टने पर शादी रचाने आया युवक अपने
साथियों के साथ पुलिस के आने से पहले रफू चक्कर हो गया। एसडीएम अशोक शुक्ला
द्वारा पूछताछ करने पर बालिका ने रोते हुए अपनी बदनसीबी की कहानी सुनाई। तब
एसडीएम ने कौशांबी के थाना मंजनपुर में फोन से संपर्क कर परिजनों को भेजने
के निर्देश दिए।
इसके बाद पिता-मां और मामा पुलिस के साथ यहां आए और 40
दिनों से बंधक बनी अपनी पुत्री को अपने साथ लेे गए। बालिका ने परिजनों के
साथ अपने घर जाते समय एसडीएम, वकील व पुलिस को धन्यवाद दिया।