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कलियुग में प्रभु के नाम से होता दुखों का निवारण

Fri, 29 May 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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बालाजी हनुमान मंदिर खेतुई में सात दिन से चल रही श्रीमद्भागवत कथा एवं नवकुं डीय हनुमत यज्ञ का समापन गुरुवार को हो गया। इस दौरान मंदिर में शंकर एवं पार्वती की भव्य मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापना की गई। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ।
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कथा समापन पर अयोध्या के हनुमान गढ़ी के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र दास ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि सात दिवसीय भागवत कथा जिन श्रोताओं ने सुनीं, उन पर ईश्वर की विशेष अनुकंपा है। ईश्वर से कामना की कि तीनों लोकों में सुख-शांति का साम्राज्य हो और प्राणियों में सद्भावना बनी रहे।

आचार्य राजेंद्र दास ने कहा कि आज हर मानव अशांत है। इसके निदान के लिए कहीं भी रहें ईश्वर का नाम अवश्य स्मरण करें, लाभ होगा। कथा को विश्राम देते हुए कथा व्यास पंडित बालकृष्ण शास्त्री ने राजा परीक्षित की कथा, कलियुग का आगमन एवं निवारण के उपाय बताए।
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कहा कि कलियुग में प्रभु का नाम सारे दुखों का निवारण करता है। इधर, बालाजी मंदिर ने नौ कुं डीय हनुमत यज्ञ में बालाजी धाम खेतुई के महंत नागेंद्र दास व अन्य श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं और जन व लोक कल्याण की कामना की।

यज्ञाचार्य राजेश मिश्र के साथ राकेश मोहन शुक्ला, प्रमोद शास्त्री, शशिकांत शुक्ला, उमाशंकर मिश्र ने याज्ञिक कार्य संपन्न कराया। महंत नागेंद्र दास ने बताया कि यह आयोजन बालाजी हनुमान मंदिर संत सेवाश्रम खेतुई की ओर से कराया जाता है। इस मौके पर रायबाबा, निर्भय बाबा, बाबा खुशीराम, बबलू, हरी दीक्षित आदि मौजूद थे।
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