हरदोई। किसानों को गेहूं समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन ने गेहूं क्रय केंद्र खोलकर किसानों से सीधे गेहूं खरीदने के निर्देश दिए थे। मगर यहां उदासीनता बरती जा रही है। जिला मुख्यालय पर ही क्रय केंद्रों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। मंडी परिसर में खोले जाने वाले क्रय केंद्रों के लिए बैनर तो लग गए हैं मगर कहीं कर्मचारी नदारद हैं तो कहीं कांटा, बाट और बोरा गायब। किसानों को बाजार में औने पौने दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। इस साल जिले में करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य है, जिसके लिए 95 खरीद केंद्र खोले जाने का निर्णय लिया गया था जिसमें क्रय एजेंसियों के करीब पांच क्रय केंद्र हरदोई शहर स्थित मंडी परिसर में स्थापित हैं।
दृश्य 1- मंडी समिति का पिछवाड़ा, जहां क्रय केंद्र स्थापित है - समय प्रात: करीब 11:30 बजे। यहां टीन शेड के बाहर क्रय केंद्र के बैनर लगे हैं मगर क्रय केंद्रों के प्रभारी नदारद हैं। कांटा, बाट और बोरा भी नहीं है। पता चलता है कि विपणन शाखा के इस केंद्र पर खरीद नहीं हो पा रही है। अन्य क्रय केंद्रों का भी यही हाल है। बैनर लगे हैं मगर न तो बोरा आदि दिखाई पड़ रहे हैं और न कर्मचारी।
दृश्य 2- स्थान मंडी समिति परिसर, समय मध्याह्न 12:15 बजे। मंडी में एक व्यापारी की दुकान पर पल्लेदार, किसानों का गेहूं तौल रहे हैं। बताया कि 14 सौ से 1425 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूं बेचा गया है। एक किसान से यह पूछने पर कि सरकारी क्रय केंद्र पर 1525 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है तो यहां कम भाव पर गेहूं क्यों बेच रहे हैं। जवाब मिला कि कहां क्रय केंद्र हैं और कहां खरीद हो रही है। पैसा अभी चाहिए आखिर सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कब तक करेंगे।
एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद करने के निर्देश दिए गए थे पता चला है कि बोरे उपलब्ध नहीं हैं। बोरों की खेप आने वाली है। एक दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए क्रय एजेंसियों से कहा गया है। नोडल एजेंसी से खरीद का विवरण एवं क्रय केंद्रों के बारे में जानकारी तलब की गई है। जल्द ही सुचारु रूप से खरीद होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।