जिले में परंपरागत तौर तरीके से बारावफात पर हजारों
की लोगों ने जुलूसे मोहम्मदी निकाला, जिसमें लोग इसलाम के पैगंबर हजरत
मोहम्मद साहब की पैदाइश के जश्न को उत्साह पूर्वक मनाते रहे। जुलूस के
दौरान वाहनों पर लगे डीजे में नातियां कलाम बजे, जिसमें उत्साह के साथ लोग
झूमते रहे।
शहर मेें मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर हर साल की तरह नानकगंज
झाला से जुलुसे मोहम्मदी का आयोजन किया गया। इस मौके पर झंडा बड़ी धूमधाम
से सुबह 10 बजे से नानकगंज झाला मेें निकाला गया। इस मौके पर मोहम्मद शफी,
जाफर खान, मुजाहिद अली, लियाकत अली, अली हसन, मोहम्मद मंजुरूल हक, बाबू
अली, हरदोई से अंजुमन आशिकाने रसूल ने भी नानकगंज झाला आकर शिकरत की।
जुलूस
पर फूलाें की वर्षा की गई। जुलूस का संचालन ख्वाजा गरीब नवाज नानकगंज झाला
कमेटी ने किया। उधर, बिलग्राम नगर में जुलूस का आगाज मैदानुपरा, काजीपुरा,
सुल्हाडा, मलकंठ, रफैयतगंज की सात अंजुमनों के नेतृत्व में हुआ। इस मौके
पर मौलाना उवैस मुस्तफा वास्ती ने कहा कि अमन इसलाम की पहचान, इंसानियत
इसलाम की धरोहर है।
हमारे नबी मोहम्मद साहब ने दुनिया में अमन और
इंसानियत की पहचान कराई। जुलूस में हाजी बादशाह हुसैन, हबीब खां, नजमुल
हसन, सज्जाद हुसैन, सैयद सुहेल अहमद, हुसैन मियां, सुभाष पाल, फैजान मियां,
रिजवान मियां, नौशाद खां, अजहर नसीरी, अनीस मियां, शकील अहमद आदि मौजूद
थे। इसके पूर्व घरों में भी मिठाइयां बांट पैगंबर का जन्म दिन मनाया गया।
बारावफात की पूर्व संध्या पर घरों में रोशनी की गई और जलसों का भी आयोजन
हुआ। उधर, शाहाबाद की प्राचीन जामा मसजिद में मुफ्ती शहादत हुसैन ने कहा कि
जिस इंसान के दिल में मोहब्बत है, वह मुसलमान है और जिसके दिल में नफरत है
वह मुसलमान नहीं हो सकता। यहां मोहम्मद रईस वारसी ने चादर पोशी की।
जामा
मसजिद पर इमाम मकसूद हुसैन ने जुलूस का इस्तकबाल किया। इस मौके पर मोहम्मद
बलीपीरा, इजहार खां, आकिल खां, अशफाक खां, जुनैद खां, रईस खां वारसी आदि
मौजूद थे। उधर, कछौना में हजारों की संख्या में मुसलिम जुलूसे मोहम्मदी में
शामिल हुए, जबकि मल्लावां क्षेत्र में हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन मनाया
गया।
संडीला में हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर झंडे बैनर के साथ परचमें
मोहम्मदी का जूुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान कई अंजुमनों के
जुलूस भी इसमें शामिल हुए। लखनऊ रोड स्थित बेगमगंज एवं अन्य गांवों के
जुलूस भी इसमें शामिल हुए। हाजी रईस अंसारी के आवास पर जश्न-ए-बिलादत व
नातिया मुशायरा का आयोजन सुबह से जुलूस की समाप्ति तक चलता रहा।
जुलूस
में डा. जुबेर अहमद, मौलाना मेहंदी हसन, फरीदुद्दीन, माज अहमद, अलवारूल हक,
डा. अहमद सईद, मुईज सागरी फिरोज अहमद आदि लोग शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था
के लिए कोतवाली के अलावा कई थानों की पुलिस क ो तैनात किया गया था। झाड़ी
शाह बाबा की दरगाह पर शांति व्यवस्था बनाए रखने को स्काउट एवं गाइड तैनात
रहे।