हरदोई। गर्रा नदी की धारा के परिर्वतन और कटान ने शाहाबाद के 10 गांवों में अंतरजनपदीय सीमा विवाद पैदा कर दिया है। कटान व धारा के बदलाव के कारण जमीन कटान होता रहता है और इससे सीमा में भी बदलाव होता रहता है। शाहजहांपुर और हरदोई के अधिकारियों के एक साथ बैठने से ही हल संभव दिखाई दे रहा है।
यहां की तहसील शाहाबाद और शाहजहांपुर की सीमा से सटी प्रवाहित होने वाली गर्रा नदी की धारा में परिवर्तन और कटान के कारण तहसील क्षेत्र के शाहजहांपुर की सीमा में से सटे गांवों की सीमा भी प्रभावित होती रहती है। गर्रा के कटान और धारा के प्रवाह में बदलाव से तहसील शाहाबाद के 10 गांवों की सीमा में विवाद बना रहता है। इससे अंतरजनपदीय सीमा विवाद उत्पन्न होता रहता है। गर्रा में कटान और धारा के परिवर्तन से किसानों के खेतों की मेड़ मिट जाती है। खेतों के सीमांकन में भी समस्या आती है।
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शाहजहांपुर की सीमा से सटे हैं यह गांव
शाहाबाद एसडीएम धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तहसील क्षेत्र के गढ़ेपुर, नसीरपुर, बेहटाकोला, परियल, पूरनपुर, पुरवा पिपरिया, झोथूपुर बिरौरी, उमरियाधनी, कालागाढ़ा गांव गर्रा नदी के किनारे और शाहजहांपुर जनपद की सीमा से सटे हैं।
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गर्रा नदी के किनारे के गांवों की सीमा को लेकर जनपद शाहजहांपुर के डीएम ने भी पत्र लिखा था। शाहाबाद की राजस्व टीम के माध्यम से पैमाइश कराई गई। परियल गांव की सीमा में ही दोनों तरफ से कमी और अंतर पाया गया है। ऐसे में शाहजहांपुर के डीएम को अवगत कराया जा रहा है। इसके लिए संयुक्त टीम गठित कराते हुए इलेक्ट्रानिक टोटल स्टेशन (ईटीएस) मशीन के माध्यम से सीमांकन कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी