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पढ़े एमबीए, की नौकरी फिर भायी खेत की माटी

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हरदोई में खेत में गन्ने की बुवाई का तरीका बताते अम्मार जैदी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : HARDOI
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बड़ी कंपनी में नौकरी के सपने लेकर एमबीए की डिग्री ली। बाद में नौ साल नौकरी भी की। लेकिन मन में कुछ और ही था तो चले आए सबकुछ छोड़कर अपने घर की ओर।
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हम बात कर रहे हैं क्षेत्र में उन्नतिशील किसान के रूप में नाम कमा चुके पिहानी के अम्मार जैदी की। अपने नए-नए प्रयोग से खेती करने के शौकीन अम्मार ने पराली नष्ट करने का भी नायाब तरीका अपनाया है। वह इसे जलाते नहीं बल्कि खेत में सड़ने देते हैं और बाद खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
अम्मार ने पिहानी के हामिद अली इंटर कॉलेज से हाईस्कूल, लखनऊ के शिया कॉलेज से इंटरमीडिएट और लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक किया। इसके बाद यूपी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली। एमबीए में उनका विषय भी खेती किसान से बिल्कुल अलग मार्केटिंग और मानव संसाधन रहा।
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कैंपस सेलेक्शन में उन्हें इंडिया बुल्स कंपनी में नौकरी मिली। इसके बाद रिलायंस कैपिटल, वेल्थ मैनेजमेंट कार्पोरेट्स के अलावा कई बैंकों में काम किया।
साल 2014 में आईसीआईसीआई बैंक में प्रबंधक के पद से इस्तीफा दे दिया और अपने घर लौट आए। यहां उन्होंने खेती के क्षेत्र में हाथ आजमाया और कई तरह के प्रयोग किए। किसान संबंधी कई कार्यक्रमों में बतौर पैनेलिस्ट शामिल रह चुके अम्मार 30 एकड़ क्षेत्रफल में खेती करते हैं।
गन्ने की खेती करते हैं
अम्मार बताते हैं कि वह अधिकतर गन्ने की खेती करते हैं। गन्ने की बुआई के दौरान पांच-पांच फिट की दूरी पर लाइन बनाते हैं और इसमें दो-दो फिट की दूरी पर बीज रखते हैं। इससे उत्पादन अच्छा होता है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में लगभग 450 क्विंटल गन्ने की उपज हो जाती है।
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धान की तरह तैयार करते हैं पौध
अम्मार ने बताया कि वह खेत में बुआई के लिए गन्ने की पौध धान की तरह तैयार करते हैं। पहले एक अलग खेत में गन्ने की पौध बनाते हैं और इसके बाद अपने खेतों में बोते हैं। इससे उत्पादन बढ़ता है। उन्होंने बताया कि आसपास के कई जिलों से किसान गन्ने की बुवाई करने को बीज उनसे ले जाते हैं।
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