हरदोई। विवेचनाओं में लापरवाही करने पर पुलिस अधीक्षक ने एक निरीक्षक और एक चौकी प्रभारी को शनिवार देर रात निलंबित कर दिया। 24 घंटे के अंदर पुलिस अधीक्षक ने चार पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। इस कारण पुलिस कर्मियों में भी खलबली है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला कौशलपुरी में चार फरवरी को विवाहिता ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मामले में एसपी नीरज कुमार जादौन के आदेश पर मृतका के पति अधिवक्ता आलोक अग्निहोत्री समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना चल रही थी। पूर्व में यह विवेचना शहर कोतवाली में तैनात निरीक्षक माबूद रजा के पास थी। जून में यह विवेचना अतिरिक्त निरीक्षक विजय नारायण शुक्ला को सौंप दी गई थी।
एसपी के मुताबिक आरोपी अधिवक्ता की गिरफ्तारी न किया जाना विवेचक की लापरवाही है। इसी कारण विजय नारायण शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। इसी तरह मोहल्ला कौशलपुरी में अधिवक्ता रामनरेश सिंह की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना में भी एसपी को लापरवाही मिली। इस कारण एसपी नीरज जादौन ने मामले की विवेचना कर रहे जेल चौकी प्रभारी महेश यादव को भी निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही एसपी ने शाहाबाद मामले में कोतवाल और विवेचक को भी निलंबित किया था।