हरदोई। महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को पूरे दिन भोले बाबा के नाम की धूम रही। शिवालय में सुबह से लेकर देर रात तक भक्त जुटे। बाबा का शृंगार कर आशीर्वाद मांगा।
शहर के सकाहा मंदिर, सुनासीर नाथ मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, बाबा नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, तुरंत नाथ मंदिर, शिव बोले मंदिर आदि में सुबह से लेकर देर शाम श्रद्धालु कतार में भक्त नजर आते रहे।
उमाकांत शास्त्री ने कहा कि शिव व शंकर दोनों स्वरूपों में अंतर है। शिव तो निराकार परमात्मा ज्योति बिंदु स्वरूप हैं। जो इस सृष्टि के रचयिता, बीज स्वरूप हैं और शंकर देवता है। इसलिए भगवान शंकर को सदैव ध्यामग्न दिखाया जाता है। जबकि शिव जी को शिवलिंग रूप में याद करते हैं।
शुक्रवार को जिले भर में जगह-जगह पर भंडारों का आयोजन किया गया। इसमें कतारों में लगकर श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते दिखे। मौनी बाबा मंदिर के बाहर नारायन सेवा समूह के पदाधिकारियों ने भंडारे का आयोजन किया गया।
इसमें देर शाम तक खीर आदि का वितरण किया गया। इस मौके पर संचालक डा. जयराम गुप्ता, प्रियम मिश्रा, सुमेर सिंह, सोमेश, जयशंकर गुप्ता, डा. जेबी सिंह, तारकनाथ शर्मा, संदीप, पतिराज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
संडीला में सुबह से रानी जी के शिवालय पर बने शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, प्रभात फेरी ब्रह्मा मंदिर, शीतला माता मंदिर, मुरारेस्वर मंदिर, भुइयां देवी मंदिर आदि में भक्तों का तांता लगा रहा। जगह-जगह पर प्रसाद वितरण हुआ।
ब्रह्मकुमारी आश्रम में सुबह से शिव जाप हुआ। नगर पालिका के पीछे प्रभात फेरी मंदिर पर रामायण का समापन हुआ। आरती होने के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
टोडरपुर में सहादत नगर के शिव मंदिर, बददापुर के शिव भोले बाबा मंदिर, नेवादा के राधा कृष्ण मंदिर, पनेउरा बल्लियां के निकट खेड़ा स्थित भोले बाबा मन्दिर और लोनी गांव के शिव मंदिर पर सुबह से ही लोगों की भीड़ रही।
मल्लावां में कल्याणपुर के निकट स्थित सुनासीर नाथ मंदिर में भगवान इंद्रदेव के स्थापित मंदिर में दूर दराज के भक्तों का तांता लगा रहा। शाहाबाद में फूटेमठ शिव मंदिर, नर्मदा स्थित टेडेश्वर नाथ शिव मंदिर पर पूजन अर्चन कर किया गया।
सांडी में बाबा कमलेश्वर नाथ मंदिर में पालिकाध्यक्ष रीतू गुप्ता व पति रामजी गुप्ता ने पूजन अर्चन किया। इसके अलावा कस्बे के शिव मंदिर, शिवाला, बाबा कमलेश्वर नाथ मंदिर में देर शाम तक पूजन जारी रहा।