पॉजिटिव पाए गए बावन विकास खंड के ग्राम सकाहा निवासी दंपति कैब से दिल्ली से लौटकर आने के बाद गांव स्थित घर में ही थे।
14 मई को घर पहुंचने के बाद से दोनों न सिर्फ अपने रिश्तेदारों से मिले, बल्कि गांव में भी आते-जाते रहे। जांच के दौरान पता चला है कि दोनों करीब 100 लोगों से संपर्क में रहे।
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र और बावन विकास खंड के ग्राम सकाहा निवासी 30 वर्षीय युवक दिल्ली में फैक्टरी में टैडिवियर बनाने का काम पत्नी के साथ करता था। इसी फैक्टरी में मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम कैमी निवासी एक व्यक्ति पत्नी के साथ काम करता था।
दोनों के बीच परिचय था। लॉकडाउन में दिल्ली में फंसने के कारण दोनों परिवार 14 मई को एक कैब से वापस आने के लिए निकले थे। कैमी निवासी युवक, उसकी पत्नी और आठ वर्षीय पुत्र को कैमी में उतारने के बाद कैब सकाहा गई थी।
सकाहा निवासी युवक और उसकी गर्भवती पत्नी गांव में उतर गए थे। इसके बाद से ये गांव में ही थे। 21 मई को गांव की आशा के कहने पर दंपति जिला अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए गए थे। नमूना देने के बाद दोनों वापस घर आ गए थे।
शनिवार को आई रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर बावन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. प्रभाकर त्रिपाठी, बेहटा गोकुल के प्रभारी निरीक्षक राकेश आनंद आदि गांव पहुंच गए और पूरी जानकारी ली।
सीएचसी अधीक्षक डा. प्रभाकर त्रिपाठी के मुताबिक रिश्तेदारों और ग्रामीणों समेत लगभग 100 लोगों के संपर्क में दंपति आए हैं। इन सभी को चिह्नित किया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक राकेश आनंद ने बताया कि गांव को सील कर दिया गया है और मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
उधर दूसरी ओर कैमी निवासी दंपति और उसके आठ वर्षीय पुत्र को चठिया के आश्रम पद्धति विद्यालय में स्थित सेंटर में क्वारंटीन किया गया है।