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‘शिक्षा के प्रति उदासीनता ठीक नहीं’

Sun, 01 Feb 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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सर्व शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन योजना की मानीटरिंग को एमएचआरडी की ओर से यहां पहुंचे जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के प्रोफेसर एमएच कासमी ने कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल और जूनियर हाईस्कूल में व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
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उन्होंने बच्चों से शिक्षा और रहन सहन की जानकारी ली, साथ ही ब्लाक संसाधन केंद्र में टीचरों से स्कूलों में शिक्षण और एमडीएम में आने वाली दिक्कतें पूूछीं। उन्होंने बताया कि स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या अभिभावकों का कारण अभिभावकों की उदासीनता है।

टीचरों ने बिजली समस्या के चलते कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित होने और सफाई न होने की समस्याएं भी रखीं। ब्लाक संसाधन केंद्र पर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य राम रघुवीर ने भवन, गंदगी और बिजली की समस्या रखी। कहा कि अभिभावकों की उदासीनता से बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है।
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पिछली कक्षाओं से आए बच्चोें को अ ब तक का ज्ञान जूनियर कक्षाओें में कराना पड़ रहा, साथ ही बिजली बिल को रकम मुहैया न कराने से कंप्यूटर शिक्षा के प्रभावित होने की बात रखी। संघप्रिय गौतम ने बाउंड्रीवाल नीचे होने और गंदगी से होने वाली समस्या रखते हुए सुझाव दिया कि सफाई कर्मी की उपस्थिति विद्यालय स्तर पर लगाए जाने की व्यवस्था हो।

कासमी ने बीईओ उपेंद्र विश्वकर्मा से स्कूलों में टीचरों की तैनाती आदि के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कासमी ने सुझाव दिया कि बच्चे के गैर हाजिर होने पर अभिभावक को इसकी नोटिस भेजी जाए। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बच्चियों से उन्होंने प्रश्नोत्तर के माध्यम से शिक्षा और रहन की स्थिति देखी।

चीफ वार्डन भावना गुप्ता से पढ़ाई के स्तर में सुधार की बात कही। जूनियर हाईस्कूल में जर्जर भवन की स्थिति और बाउंड्रीवाल देख कर उन्होंने इससे बच्चों को खतरा होने की आशंका जताते हुए संबंधित रिपोर्ट में इस का उल्लेख करने की बात कही।

कासमी ने बताया कि कई स्कूलों के निरीक्षण में यह यह बात उभर कर सामने आई कि स्कूलों में शिक्षा को लेकर ग्राम पंचायतों की उदासीनता एक गंभीर बिंदु है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित करने की जरूरत है। कहा कि अपेक्षा के अनुरूप ग्राम प्रधान बच्चों की शिक्षा में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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