संडीला। एक साल में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों की ऊंचाई पांच-पांच फीट बढ़ गई है। इस साल दहन के लिए 40-40 फीट के रावण और कुंभकर्ण के पुतले बनवाए गए हैं। दोनों ही पुतले लखीमपुर खीरी के पलिया से इंसाफ अली बना रहे हैं।
श्रीराम लीला मंचन में कलाकारों की तरफ से दर्शकों को संस्कृति और श्रीराम चरित मानस के प्रसंगों की जानकारी दी जा रही है। लीला मंचन में बृहस्पतिवार को रावण वध लीला होगी और उसी के बाद पुतला दहन होगा। कमेटी ने सभी तैयारियां जुटा ली हैं। अध्यक्ष अभय गुप्ता ने बताया कि पिछले साल रावण और कुंभकर्ण का पुतला 35 फीट का बनवाया गया था, जिस पर करीब 45 हजार रुपये खर्च आया था।
इस साल रावण और कुंभकर्ण का पुतला लखीमपुर खीरी के पलिया निवासी इंसाफ अली को बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों पुतले 40-40 फीट के बनवाए गए हैं। दोनों पुतलों पर करीब 75 हजार रुपये का खर्च आया है। इंसाफ अली अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ पुतला बनाने का काम रैसों में कर रहे हैं।
साठ फीट का होगा मिट्ठू बाबा मैदान में रावण का पुतला
मल्लावां। मोहल्ला बाजीगंज के मिट्ठू बाबा मैदान में इस साल 60 फीट का रावण का पुतला होगा। दशहरा पर छठवें मेला में रावण के पुतला का दहन किया जाएगा। आयोजक समाजसेवी विशाल जायसवाल ने बताया कि आतिशबाजी की प्रतियोगिता होगी। रावण दहन के पहले शाम को कानपुर के कलाकारों की तरफ से रावण वध की लीला का मंचन किया जाएगा। श्रीसीता राम सहित अन्य देवी-देवताओं की झांकियों के साथ भजनों की प्रस्तुति होगी।
बाल रामलीला में रावण के ढांचे पर साज-सज्जा कराकर होता दहन
शाहाबाद। रामलीला मेला पठकाना में 32 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। मंत्री ऋषि मिश्रा ने बताया कि रावण के पुतले लंका दहन का ढांचा व धनुष की साज-सज्जा पर करीब 37 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। वहीं, बाल रामलीला कमेटी के महामंत्री बासु वर्मा ने बताया कि कमेटी ने 25 फीट ऊंचे रावण का लोहे का ढांचा कई साल पहले बनवा लिया था। उसी पर साज-सज्जा कराकर दहन किया जाता है। साज-सज्जा पर करीब सात हजार रुपये का खर्च आता है। बृहस्पतिवार को रामलीला मेला पठकाना और शुक्रवार को बाल रामलीला चौक में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।