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दो घंटे कर्फ्यू की जद में रहा रूट

Thu, 01 Oct 2015 11:44 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
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उपराष्ट्रपति के आने से पहले और उनके जाने तक प्रस्तावित मार्ग कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कर्फ्यू की जद में रहा। दो घंटे तक सड़क पर किसी व्यक्ति को आने जाने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा ही पसरा नजर आया।
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उपराष्ट्रपति का आगमन जिले में 2.50 बजे हुआ था, पर उनकी सुरक्षा में लगे सेना के दो हेलीकाप्टर ढाई बजे ही पुलिस लाइन में उतर गए थे। हेलीकाप्टरों के आते ही पुलिस लाइन से लेकर कार्यक्रम स्थल के बीच में सड़क पर लोगाें का आवागमन रोक दिया गया। गलियों में भी रोड स्टॉपर व रस्सा लगाकर लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद भी पुलिस लाइन से कार्यक्रम स्थल तक बड़े वाहनों को नहीं निकलने दिया गया। हालांकि, पैदल चलने वाले लोग आते जाते रहे। इसी तरह जीआईसी से लेकर वैटगंज स्थित आवास तक भी आवागमन बंद करा दिए गए, जबकि बड़े चौराहे से रामदत्त चौराहे तक सभी प्रकार के वाहन और लोगाें का आवागमन दो घंटे पहले से ही पूर तरह से बंद करवा दिया गया।
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उपराष्ट्रपति द्वारा कार्यक्रम स्थल से निकलने के बाद पौने चार बजे सांसद नरेश अग्रवाल के घर पर पहुंचे जहां उन्होंने 25 मिनट बिताने के बाद करीब 4.12 मिनट पर रवाना हो गए। इस बीच सड़क यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया और सड़क पर कर्फ्यू जैसा नजारा रहा।

उधर, उपराष्ट्रपति व गवर्नर को सांसद ने हैलीपैड पर स्वागत किया, वहीं पुलिस लाइन में हेलीकाप्टर देखने को भारी भीड़ उमड़ी। जिससे रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग बाधित हो गया, पर भीड़ गांधी तिराहे से आगे नहीं बढ़ सकी। पुलिस लाइन में बनाए गए हैलीपैड पर सांसद नरेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, कमिश्नर और आईजी जोन जकी अहमद ने स्वागत किया।

हेलीकाप्टर की आवाज सुनकर हैलीपैड की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन मार्ग जाम हो गया। जो करीब बीस 25 मिनट के बाद खुला। उपराष्ट्रपति का काफिला वापस हैलीपैड पहुंचा। जहां पर उनको सांसद नरेश अग्रवाल सहित प्रशासनिक व पुलिस अफसरों ने विदाई दी।
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