सीएसएन डिग्री कालेज के परिसर में बुधवार की रात
तन्मय के गीतों पर झूम उठी। सारेगामापा लिटिल चैंप के फाइनल में पहुंचे
तन्मय चतुर्वेदी ने हरदोई महोत्सव में आकर लोगों को अपने सुरों के जादू से
झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मंच पर आने के बाद कई गीतों को सुनाया,
जिस पर जमकर तालियां बजीं। इसी बीच मंच पर पहली बार तन्मय की बहन त्रिषा भी
दिखाई दीं।
आनंदी कांसेप्ट द्वारा आयोजित हरदोई महोत्सव 2015 का मंच एक
बार फिर सितारों से सज उठा। बुधवार को सारेगामापा के लिटिल चैंप तन्मय
चतुर्वेदी ने आवाज का जादू बिखेरा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम को पूर्व जिला
पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने किया।
जिनका आनंदी कांसेप्ट के निदेशक
नागेंद्र मिश्र ने स्मृति चिन्ह देकर मान बढ़ाया। कार्यक्रम में तन्मय ने
कई गीतों पर अपनी प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। तन्मय
ने अपनी शुरुआत मैं तेरा हीरो...गीत से की, जिस पर जमकर तालियां बजीं।
जिसके बाद उनका गीत तुझे लागे न नजरिया, ओढ़ ले चुनरिया, तिरछी निगाहें
मेरे दिन पर गिराए हैं बिजुरिया बिजुरिया...को लोगों को जमकर सराहा और कई
तो ठुमके लगाने को भी मजबूर हो गए।
उनका एक गीत, हर किसी को नहीं मिलता
यहां प्यार जिंदगी में...सुनाकर उन्होंने दिलों के तारों को छेड़ दिया।
इसके उन्होंने मै रंग शरबतों का तू मीठे घाट का पानी...गीत पर भी पंडाल
तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्हाेंने पुराने गीतों में से चलते चलते
मेरे से गीत याद रखना, कभी अलविदा न कहना...गीत पर तालियाें से पंडाल गूंज
उठा।
इसके अलावा तैनु लै के जावां, मेरे नाल...और सुनो न संगमरमर की ये
दिवारें..कुछ भी नहीं पास तुम्हारे...गीत पर लोग झूमने पर मजबूर हो गए।
तन्मय के इन गीताें के बाद मंच पर उनकी बहन त्रिषा ने भी अपने भाई के साथ
गीत गाया। दोनों भाई बहनों ने एक फाल्गुन गीत रंग डालूंगा ओ रंग
डालूंगा...को गाया। जिसमें दोनों भाई बहनों ने मस्ती की।
महोत्सव में
डीएम रमेश मिश्र, सहकारी बैंक अध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला, नायब तहसीलदार
शंभू शरण, वसीम अहमद सिद्दीकी, मनीष चतुर्वेदी, प्रीतेश दीक्षित, अमित
त्रिवेदी रानू आदि मौजूद थे। उधर, तन्मय और त्रिषा चतुर्वेदी के गीतों पर
वैसे तो पूरे पंडाल में लोग झूमते नजर आए, पर कुछ प्रतिभाएं थीं जिनको
तन्मय ने मंच पर आने का मौका दे दिया। जिनमें से एक अरीबा मुस्कान भी रही।
अरीबा मुस्कान की डांस प्रतिभा के बारे में हर कोई जानता है और पिछली बार
के महोत्सव जब तन्मय हरदोई आए थे तो वह अरीबा से मिले भी थे। ऐसे में वह
अरीबा की प्रतिभा का पहचान गए और उन्होंने अपने गीतों पर अरीबा को
परफॉर्मेेेंस देने का मौका भी दिया। जिसके बाद अरीबा ने भी जमकर ठुमके
लगाए।