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संशोधित : मैं वाणी का राजदूत हूं सच पर मरने वाला हूं,...

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हरदोई। ज्ञान योग परमार्थ न्यास की स्थापना और सेवानिवृत्त आईएएस राधेश्याम अग्रवाल की जयंती सोमवार को मनाई गई। इस मौके पर शहर के रसखान प्रेक्षागृह में काव्य संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ओज के प्रख्यात डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी रचना मैं वाणी का राजदूत हूं सच पर मरने वाला हूं, डाकू को डाकू कहने की हिम्मत करने वाला हूं पढ़ी, तो तालियों की गड़गड़ाहट से रसखान प्रेक्षागृह गूंज गया।
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शहर के ही निवासी राधेश्याम अग्रवाल आईएएस अफसर और साहित्यकार भी थे। उन्होंने ही ज्ञानयोग परमार्थ न्यास की स्थापना की थी। राधेश्याम अग्रवाल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. हरिओम पवार ने काव्यपाठ कर हर किसी में जोश भर दिया। प्रख्यात कवि वेदव्रत वाजपेयी ने पढ़ा-रणचंडी शृंगार करेगी दुश्मन के मस्तूलों से, हमने सब कुछ सीख लिया है पृथ्वीराज की भूलों से।
मनीष मिश्र सारंग ने सुनाया कि पतझड़ की ऋतु आ गई वृक्ष हुए भयभीत, तोड़ चले अपने सभी यही जगत की रीति। पल्लवी मिश्रा ने सरस्वती वंदना कर शृंगार रस की कविताएं पढ़ीं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल भी मौजूद रहे। कवियों और अतिथियों को ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी सजीव अग्रवाल ने सेवा निवृत्त जिला जज विमल जैन के साथ सम्मानित किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, आरएसएस के जिला कार्यवाहक संजीव खरे, जिला प्रचारक रवि, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामऔतार शुक्ला, अरुणेश वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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दो विद्यार्थियों की शिक्षा का लिया जिम्मा

ज्ञान योग परमार्थ न्यास के प्रबंध न्यासी सजीव अग्रवाल ने बताया कि न्यास के विद्यालय के दो मेधावियों की शिक्षा की जिम्मेदारी ली गई है। किंजल वाजपेयी और विपिन कुमार की शिक्षा की जिम्मेदारी ली है। यश वर्धन अग्रवाल और सूर्यवर्धन अग्रवाल ने दोनों विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। न्यास के विद्यालय के विद्यार्थियों ने नाटक का मंचन भी किया।
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