हरदोई। दहेज हत्या के 11 साल पुराने मामले में पति को दोषी करार दिया गया। अपर जिला जज कोर्ट संख्या तीन योगेंद्र चौहान ने दस साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति मृतका के पिता को देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए।
सांडी थाना क्षेत्र के रसूलपुर गोवा निवासी प्रमोद कुमार उर्फ छोटे ने 19 मई 2014 को हरपालपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि बेटी पूनम देवी की शादी खसौरा गांव निवासी आदित्य कुमार शर्मा उर्फ सोनू के साथ 27 अप्रैल 2008 में की थी। आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही पति आदित्य कुमार शर्मा उर्फ सोनू, ससुर उमाशंकर, सास मुन्नी देवी, ननद रेनू देवी और ऊषा देवी, जेठ राजू दहेज में कार और एक लाख रुपये की मांग करने लगे थे। असमर्थता जताने पर सभी लोग मारपीट करते थे।
19 मई 2014 की दोपहर पुत्री के पड़ोस में रहने वाली एक महिला का फोन आया था कि उसकी पुत्री को ससुरालीजनों ने आग से जला दिया है। इसमें पूनम की मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने पति आदित्य व ससुर उमाशंकर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान उमाशंकर की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष से छह गवाह व चार अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज योगेंद्र चौहान ने फैसला सुनाया।