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Hardoi News: दहेज के लिए गर्भवती की जहर देकर हत्या करने में पति को सात साल की सजा

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हरदोई। सात साल पहले गर्भवती की संदिग्ध हालात में मौत के सात साल पुराने मामले में जिला जज रीता कौशिक ने पति को दोषी करार दिया। अभियुक्त को सात साल की सजा सुनाई गई। दो हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी। विसरा रिपोर्ट सजा सुनाए जाने में कारगर साबित हुई।
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सुरसा थाना क्षेत्र के खजुरहरा निवासी लालता प्रसाद ने न्यायालय में वाद दायर किया था। इसमें बताया था कि उन्होंने बेटी ईश्वरवती की शादी वर्ष 2014 में छीतेपुर निवासी अनूप के साथ की थी। दावा था कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ईश्वरवती को प्रताड़ित करते थे। 10 मार्च 2017 को ईश्वरवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के वक्त ईश्वरवती गर्भवती थीं। लालता ने जहर देकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। प्राथमिकी दर्ज न होने पर न्यायालय में वाद दायर किया था।
न्यायालय के आदेश पर पति अनूप, ससुर बहादुर, सास रामलड़ैती, जेठ आनंद और जेठानी सोमवती के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में एल्युमिनियम फॉस्फाइड विष मिलने की पुष्टि हुई थी। अदालत ने माना कि विवाहिता की मृत्यु सामान्य नहीं थी और दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी रामलड़ैती की मौत हो गई थी। अन्य सहआरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।
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