हरदोई। शादी के दो माह बाद ही ससुराल में विवाहिता की मौत के आरोपी पति की जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
बेनीगंज काेतवाली क्षेत्र के अलदादपुर निवासी दीप कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि बेटी रोशनी की शादी नौ मार्च 2026 को बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी शिवांशू के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति शिवांशु, ससुर रमेश, सास व अन्य परिजन दहेज में अपाचे बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर रोशनी का उत्पीड़न कर रहे थे। मायके आने पर रोशनी ने इसकी जानकारी दी थी। चार मई को शिवांशू रोशनी को वापस ससुराल ले गया था।
14 मई की सुबह रोशनी ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। दहेज हत्या का मामला दर्ज कर शिवांशू को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने शिवांशु को निर्दोष बताते हुए रिहाई की मांग की। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। पत्रावली के अवलोकन के बाद जिला जज रीता कौशिक ने पाया कि रोशनी की मृत्यु विवाह के सात वर्ष के भीतर अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई है।
साथ ही दहेज की मांग और प्रताड़ना के आरोप प्रथम दृष्टया अभिलेखों से समर्थित प्रतीत होते हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी मृतका का पति है और उपलब्ध साक्ष्यों, अपराध की प्रकृति तथा उसकी गंभीरता को देखते हुए जमानत दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसके बाद अदालत ने आरोपी शिवांशु की जमानत अर्जी खारिज कर दी।