डग्गामार बस मालिक द्वारा रोडवेज बस में पहले टक्कर
मारने और फिर जान से मारने की धमकी देने के बाद भी कोई कानूनी कार्रवाई न
करने से खिन्न रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों समेत रोडवेज
चालक व परिचालकों द्वारा गुरुवार से क्षेत्रीय कार्यालय बस स्टेशन पर शुरू
हुआ क्रमिक अनशन दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रखा गया।
रोडवेज
कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर ने कहा कि पूर्व में
दिए गए ज्ञापन के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के बाद रोडवेज कर्मी दो
दिवसीय क्रमिक अनशन करने को बाध्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि गोपामऊ होते
हुए दिल्ली जाने वाली बस में एक डग्गामार वाहन द्वारा पहले टक्कर मारी गई,
उसके बाद 20-25 लोगों को साथ लेकर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इसको
लेकर परिषद द्वारा अवगत भी कराया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि
चालक परिचालक उस डग्गामार बस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसको गिरफ्तार
करने, डग्गामार वाहन को रोकने को अभियान चलाने में संगठन की भी भागीदारी
सुनिश्चित कराने। दिल्ली के लिए जिले के ब्लाकों से संचालित होने वाली
रोडवेज बसों के ठहरने के स्थानों पर समुचित पुलिस व्यवस्था कराने की मांग
कर रहे हैं।
कहा कि इसके बाद 11 जनवरी से लगातार तब तक आमरण अनशन जारी
रहेगा, जब तक जान से मारने की धमकी देने वाले डग्गामार वाहन मालिक की
गिरफ्तारी नहीं हो जाती। इस मौके पर मंत्री शंकर लाल अग्रवाल, अजय दुबे,
अरविंद शुक्ला, मनोज शुक्ला, धर्मेंद्र पांडे, अजय सिंह, विनोद पाल, राजेंद्र सिंह, रिजवान, मनोज
तिवारी, रामसागर त्रिवेदी, बृजभूषण पांडे, लालजी अवस्थी, अनिल मिश्रा आदि
मौजूद थे।