रेडक्रास सोसाइटी का मूल सिद्धांत नि:स्वार्थ व
निष्पक्ष भाव से मानवता की सेवा करना है। इसको जन-जन तक पहुंचाने की नितांत
जरूरत है।
भारतीय रेडक्रास सोसाइटी द्वारा विश्व रेडक्रास दिवस में
सोमवार को रेडक्रास भवन में अपर प्रिंसिपल इन एक्शन शीर्षक पर हुई गोष्ठी
में स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष डा. नसीम अहमद ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि
मानवता की सेवा करने को स्कूलों में जूनियर व यूथ रेडक्रास को विशेष रूप
से मजबूत करना होगा।
सचिव आलोक श्रीवास्तव ने मूलभूत सात सिद्धांतों पर
प्रकाश डालते हुए कहा कि रेडक्रास का जन्म युद्ध के दौरान घायलों की सेवा
को हुआ था, पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के मानव की सेवा, सहायता नि:स्वार्थ,
निष्पक्ष भाव से करना जरूरी हो गया है।
कहा कि सोसाइटी आपदा में पीड़ित
लोगों में वस्त्र, भोजन, बर्तन आदि का वितरण करती है और मरीजों की सेवा को
पिछले दस वर्षों से लाभ हानि रहित उद्देश्य परक एंबुलेंस सेवा का संचालन कर
रही है। अशोक चंद्रा ने कहा कि मानव शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है।
इन
पांचों तत्वों में सार्वजनिक रूप से संतुलन बनाने की जरूरत है। वालंटियर
आलोक व अभिलाष गुप्त ने वालंटियर सर्विस का महत्व बताते हुए प्रारंभिक
चिकित्सा का प्रदर्शन किया। गिरीश चंद्र बाजपेई ने आभार प्रदर्शन किया। इस
मौके पर टीचर प्रदीप त्रिपाठी, प्रत्यूष सिंह, राजेंद्र कुमार सरोज, भानु
सिंह यादव आदि मौजूद थे।