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Hardoi News: जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा हिस्ट्रीशीटर का हार्ट, विसरा भी सुरक्षित

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फोटो-55-चंद्रहास। फाइल फोटो
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हरदोई। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के सिंहपुर मजरा शादीपुर में सत्यापन के दौरान पुलिस के सामने दम तोड़ने वाले हिस्ट्रीशीटर का पोस्टमार्टम मंगलवार को पैनल से वीडियोग्राफी के बीच कराया गया। शव पर कोई भी अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं मिली। हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताते हुए ह्रदय को जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज के हिस्टोपैथाेलॉजी में भेजने का निर्णय पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने किया है।
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सिंहपुर निवासी चंद्रहास (62) हत्या के मामले में सजायाफ्ता था। इन दिनों वह अपील पर छूटा था। वह बेनीगंज कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर 21 मामले दर्ज थे। सोमवार को पुलिस टीम हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के क्रम में उसके पास गई थी। वह पुलिस के सामने ही वह बेसुध होकर गिर गया था। कुछ देर में उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस की मौजूदगी में मौत होने के कारण मामला तूल पकड़ गया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पंकज मिश्रा ने बताया कि चंद्रहास के कोई बाहरी या अंदरूनी चोट नहीं मिली है। हार्ट अटैक से मौत होने की आशंका है। फिर भी हार्ट को जांच के लिए सुरक्षित करते हुए केजीएमसी भेजा गया है। विसरा भी सुरक्षित किया गया है।
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हिस्ट्रीशीटर चंद्रहास का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम लगभग चार बजे गांव पहुंचा। गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम पहले ही से थे। सीओ शाहाबाद संतोष सिंह और सीओ हरियावां लक्ष्मीकांत गौतम मौके पर रहकर हालात पर नजर बनाए हुए थे। शव पहुंचते ही परिजन में कोहराम मच गया। कड़ी सुरक्षा के बीच गांव से कुछ दूर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद भी एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात की गई है।


पोस्टमार्टम हाउस जाने को तैयार नहीं थे परिजन
पिता बाबू सोमवार को ही शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे। बावजूद इसके सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने उन्हें समझाकर पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी किया। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भेजा गया था। शव आने के बाद भी परिजन पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। गांव में मौजूद सीओ शाहाबाद संतोष सिंह ने परिजन को समझाकर निजी वाहन से पोस्टमार्टम हाउस भेजा। दरअसल परिजन मांग कर रहे थे कि परिवार के अन्य सदस्यों की हिस्ट्रीशीट अब बंद कर दी जाए। उल्लेखनीय है कि मृतक के पिता और दो भाई भी बेनीगंज कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर हैं।

फोटो-55-चंद्रहास। फाइल फोटो

फोटो-55-चंद्रहास। फाइल फोटो

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