स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्तियों पर रोक लगाते हुए
पहले संविदा पर कार्यरत हेल्थ वर्करों की नियुक्ति स्थायी करने की मांग को
लेकर हेल्थ वर्करों ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया तथा
सीएम को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर कार्रवाई कराने की मांग
की।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एसपी मौर्या ने कहा कि हेल्थ वर्कर
पिछले तीन सालों से 3575 संविदा के आधार पर 41 जिलों में कार्यरत हैं।
संविदा कर्मचारी लंबे समय से समायोजन की मांग करते आ रहे, जबकि वर्तमान में
कुल 7751 पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पिछले आठ माह से संविदा
कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं किया गया है।
जिससे कर्मचारी भुखमरी की
कगार पर पहुंच गए हैं, परंतु इनके प्रति प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है और
पांच जुलाई को 540 रिक्त पदों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुषों के
प्रशिक्षण के लिए परीक्षा प्रदेश सरकार के द्वारा कराई जा रही है, जो
निंदनीय है।
जिलाध्यक्ष देश दीपक द्विवेदी ने कहा कि ज्ञापन व
पोस्टकार्ड से प्रदेश के सभी जिलों के हेल्थ वर्कर सीएम तक अपना विरोध
पहुंचा न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इस दौरान हेल्थ वर्करों ने नारेबाजी कर
प्रदर्शन किया और सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर
कार्रवाई कराए जाने की भी मांग की।