हरदोई। बारिश के खत्म होने के बाद मच्छर जनित रोग तेजी से फैलने लगे हैं। पहले मलेरिया और अब डेंगू ने जिले में तेजी से पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों में जिला अस्पताल में डेंगू से ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पैथालॉजी के आंकड़ों के अनुसार, अब तक की जांचों में 94 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं अस्पताल मेें डेंगू के मरीजों के लिए बना वार्ड शोपीस है। मरीज नर्सिंगहोमों में उपचार कराने को मजबूर हैं।
जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमे के दावे हवाहवाई साबित हो रहे है। जिले में मच्छर जनित रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। वहीं महकमे के पास रोकथाम के कारगर उपाय नहीं है, जिससे मौसम के बदलने से मलेरिया के बाद अब डेंगू आम जनमानस की कमर तोड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल की पैथालॉजी के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अब तक की जंाचों में 94 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एलटी कुलदीप सिंह देव ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 50-60 मरीजों की डेंगू की जांच की जा रही है। जिसमें रोजाना 8-10 मरीजों की जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है। उन्होंने बताया कि पैथालॉजी में डेंगू की जांच की किटें मौजूद है। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आ रही हैं। वहीं आलम यह है कि जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए आई कक्ष में वार्ड बनाया गया है, लेकिन अभी तक वार्ड में मरीजों को भर्ती होने की सुविधाएं नहीं है। जिससे मरीज नर्सिंगहोम में परामर्श लेने को मजबूर हैं। सीएमएस डॉ. एके शाक्य ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्थाएं हैं। डेंगू वार्ड में जल्द ही स्टाफ की तैनाती कर संचालन किया जाएगा।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में 200 सैंपलों की जांच की सुविधाएं हैं। इन दिनों सर्वाधिक डेंगू की जांचे आ रही हैं, जिससे कर्मचारियों को सैंपल कलेक्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 200 जांचों की सापेक्ष 50 डेंगू की जांचें की जा रही हैं, जिससे डेंगू की जांचों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को समुचित उपचार की दरकार है। जिसके चलते महंगे दर पर निजी नर्सिंगहोम में मरीज उपचार कराने को विवश हो रहे हैं। लोगों की मानें तो निजी पैथालॉजी में डेंगू की जांच के लिए 1250 देने पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल के एलटी कुलदीप सिंह ने बताया कि ज्यादातर निजी नर्सिंगहोमों में भर्ती मरीज जांच कराने आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल मेें डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।