प्रोन्नति, अधिसंख्या समायोजन सहित कई मांगों को लेकर
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन शाखा के बैनर तले
सोमवार से शुरू हुआ कार्य बहिष्कार चौथे दिन गुरुवार को भी जारी रहा।
कर्मियों के कार्य बहिष्कार से जननी सुरक्षा योजना के भुगतान, चिकित्सा
प्रमाण पत्र, कार्यालय से संबंधित पत्राचार इत्यादि पूरी तरह से बाधित रहा।
सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसोसिएशन
के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 94 के बाद सृजित पदों को संवर्ग
में शामिल करने, लिपिकीय संवर्ग नियमावली 14 के अनुपालन में वरिष्ठ
प्रशासनिक और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद सृजित करने, लिपिकीय संवर्ग पर
झूठी शिकायतों के आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई करने, स्थायीकरण आदि मांगों
को लेकर संगठन द्वारा संघर्ष काफी समय से जारी है।
कहा कि प्रमुख सचिव
चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा राज्य संगठन अध्यक्ष को वार्ता को
आमंत्रित किया गया। पर, संगठन द्वारा निर्णय लिया कि प्रमुख सचिव द्वारा
12 मई को महानिदेशालय को प्रदत्त निर्देश के अनुरूप कार्रवाई पूरी होने के
बाद ही किसी प्रकार की वार्ता की जाएगी।
यदि समय से मांगों को मानकर
महानिदेशालय द्वारा आदेश पारित नहीं किया जाता, तो संघ आरपार की लड़ाई को
विवश होगा। इस दौरान राजकीय कार्य में होने वाले व्यवधान के लिए शासन
प्रशासन उत्तरदायी होंगे। इस मौके पर मंत्री महेंद्र प्रताप वर्मा, नीलिमा
चौहान, विपिन सिंह, संजय अवस्थी, मदन प्रधान, एके त्रिपाठी और राजेश सिंह
आदि मौजूद थेे।