फोटो- 44- ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते जिलाधिकारी। स्रोत: विभाग
हरदोई। जनपद ने क्षय रोग उन्मूलन के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्षय रोग के खिलाफ जंग में मिसाल पेश करते हुए जिले की 161 ग्राम पंचायतें पूरी तरह से रोग मुक्त हो गई हैं। क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को मंगलवार को विश्व क्षय रोग दिवस पर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने प्रधानों को गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कलक्ट्रेट के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया। बता दें कि टीबी उन्मूलन के लिए जनपद में चलाए गए अभियान, जांच और उपचार की वजह से लक्ष्य हासिल हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसे जागरूकता और सही समय पर इलाज से जड़ से खत्म किया जा सकता है। जिन ग्राम पंचायतों को आज सम्मानित किया गया है, वहां के प्रधानों ने घर-घर जाकर मरीजों की पहचान करने और उन्हें उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य पूरे जनपद को टीबी मुक्त बनाना है। डीएम ने प्रधानों को महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को जागरुक किया और मरीजों का नियमित इलाज सुनिश्चित कराया। जिला क्षय रोग अधिकारी नौमानउल्ला ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली इन 161 पंचायतों में पिछले एक साल में टीबी का कोई नया सक्रिय केस नहीं मिला है।