दीवानी कोर्ट परिसर स्थित सेशन हवालात से कोर्ट ले
जाने के दौरान सिपाही द्वारा बंदी का हाथ पकड़ने पर बंदी ने सिपाही से गाली
गलौज करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथी को हंगामा करता देख हवालात के
अन्य बंदी भी हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ते देख अफसरों को जानकारी दी
गई।
कुछ ही देर में शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे और बंदियोें को समझा बुझाकर
शांत किया। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे से कचहरी परिसर में भीड़ जमा
हो गई। शाहाबाद क्षेत्र के गिगियानी निवासी प्रभु का पुत्र अमित आपराधिक
मामले में जिला कारागार में निरुद्ध है।
गुरुवार को पुलिस मुठभेड़ के मामले
में उसकी कोर्ट में पेशी थी और उसे भी बंदियों के साथ जिला कारागार से
लाकर कोर्ट परिसर स्थित सेशन हवालात में बंद कर दिया गया था। दोपहर दो बजे
एडीजे तृतीय की कोर्ट में पेशी को उसे हवालात से सिपाही आरएन वर्मा ने बाहर
निकाला।
हाथ पकड़कर उसे लेकर जाने लगा, जिस पर बंदी ने हाथ छोड़ने को
सिपाही से कहा। इसी बात पर दोनों के बीच नोंकझोंक व गाली गलौज होने लगी।
देखते ही देखते बंदी ने सिपाही से धक्कामुक्की कर दी। बवाल बढ़ता देख मौजूद
सुरक्षाकर्मियों ने अमित को जैसे तैसे हवालात में वापस कर दिया।
इसी
बात को लेकर हवालात में बंद अन्य बंदियों ने पेशी पर जाने से इंकार करते
हुए हंगामा शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस कर्मियों को गालियां
भी बकीं। इससे स्थित तनावपूर्ण हो गई। जानकारी बड़े अफसरों को दी गई।
कुछ
ही देर मेें शहर कोतवाल नागेश मिश्रा, दारोगा आरए आर्या, दारोगा सुरेश
वर्मा दलबल व वज्रवाहन के साथ मौके पर पहुंचे और बंदियों से बात की। जिस पर
बंदियों ने सिपाही पर पीटने का आरोप लगाया।
कोतवाल ने कहा कि यदि उनके
कर्मचारी से कोई गलती हुई है तो वह उस पर खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने
बंदियों को शांतिपूर्ण ढंग से पेशी पर जाने को कहा। कोतवाल के समझाने
बुझाने के बाद करीब तीन बजे मामला शांत हुआ।