संभावित सूखे को देखते हुए जहां एक ओर ग्राम्य विकास
आयुक्त ने हर ग्राम पंचायत में मनरेगा से काम शुरू कराने के निर्देश दिए,
वहीं जिले की सात सैकड़ा ग्राम पंचायतों में तो अभी कार्य शुरू ही नहीं
हुए। मंगलवार को समीक्षा बैठक में जिले की ऐसी स्थिति पर सीडीओ ने नाराजगी
व्यक्त की और कार्य शुरू कराने के साथ ही आधार कार्डों की फीडिंग में
प्रगति के निर्देश दिए।
विकास भवन में सीडीओ विजय कुमार गुप्ता ने
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित अन्य कार्यों की
समीक्षा बीडीओ से की। सीडीओ ने समीक्षा में योजनाओं में काम की प्रगति
दयनीय होने पर नाराजगी व्यक्त की। मनरेगा की समीक्षा में जिले के 737 ग्राम
पंचायतों में एक भी कार्य न होने की बात सामने आई, जबकि ग्राम्य विकास
आयुक्त द्वारा संभावित सूखे को देखते हुए हर गांव में अधिक से अधिक कार्य
मनरेगा से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद भी काम की प्रगति कम
होने पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त की और कार्रवाई की चेतावनी दी। मनरेगा
मजदूरों के आधार कार्डाें की फीडिंग में भी खराब स्थिति सामने आई। सभी
विकास खंडों में अभी तक सिर्फ 10 फीसदी ही आधार कार्डों की फीडिंग हुई।
इस
पर सीडीओ ने सभी को प्रगति बढ़ाने को निर्देशित किया। इसके अलावा मस्टर
रोलों की फीडिंग में भी लापरवाही करने की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले
में सभी विकास खंडों से 15 दिन से अधिक के काम के 45 सौ मस्टर रोलों को
अभी तक फीड नहीं किया गया।
इसके अतिरिक्त अन्य योजनाओं में भी स्थिति दयनीय
मिली। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति
बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त मनरेगा अनिल सिंह सहित सुरसा व
बावन बीडीओ प्रभु दयाल, टोडरपुर अनिमेष सक्सेना, कोथावां रिचा सिंह सहित
अन्य ब्लाकों के बीडीओ मौजूद थे।