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राजा के जर्जर घुड़साल में हरपालपुर कोतवाली 16-34-05

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हरपालपुर कोतवाली का भवन, 115 वर्ष पहले यह राजा रुकमांगद के घोड़ों का घुड़साल था। - फोटो : HARDOI
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हरपालपुर। 116 वर्ष पहले बनी राजा की घुड़साल के जर्जर भवन में 60 वर्ष से हरपालपुर कोतवाली संचालित हो रही है। वर्तमान में कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक समेत 50 पुलिसकर्मियों का स्टाफ तैनात है। भवन की हालत इतनी जर्जर है कि जरा सी बूंदाबांदी होते ही आवासों की छतें टपकने लगती हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक वर्ष पहले नए भवन के लिए भेजा गया प्रस्ताव लंबित है।
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वर्ष 1905 में बनी खैरूद्दीनपुर स्टेट के राजा रूकमांगद सिंह की घुड़साल में हरपालपुर थाने का संचालन 1961 में शुरू हुआ था। इससे पहले तक यह क्षेत्र सांडी थाना अंतर्गत आता था। हरपालपुर थाना क्षेत्र में 79 राजस्व गांव समेत करीब 100 मजरों की ढाई लाख आबादी आती है। भवन काफी जर्जर हो चुका है। यहां पर 1006.50 वर्ग मीटर जमीन खाली पड़ी है।
पूरे थाना क्षेत्र का क्षेत्रफल 310 वर्ग किलोमीटर है। हरपालपुर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक के अलावा आठ उप निरीक्षक, छह मुख्य आरक्षी, 23 आरक्षी व 12 महिला आरक्षी की तैनाती है। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक भगवान चंद्र वर्मा ने एक वर्ष पूर्व जन सहयोग से आगंतुकों के बैठने के लिए बरामदा और बाउंड्रीवाल बनवाई थी। अब बाउंड्रीवाल भी कई जगह से टूट चुकी है। थाना परिसर में कुल छह आरक्षी आवास व दो बैरक पहले से बनी थी। तीन वर्ष पूर्व उप निरीक्षकों के लिए छह आवास बनाए गए थे। थाना परिसर में पर्याप्त आरक्षी आवास न होने से सिपाहियों को रहने के लिए भटकना पड़ता है।
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वर्जन
प्रभारी निरीक्षक उमाकांत दीपक ने बताया कि एक वर्ष पहले कोतवाली के भवन निर्माण के लिए सात करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। छह माह पहले लखनऊ से आई टीम मिट्टी के नमूने ले गई थी। इसके बाद से प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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