हरदोई। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर जिला प्रशासन ने 20 फीसदी अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराने की तैयारी की है। जिन अमृत सरोवरों का 100 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है, उनमें से कई अधूरे हैं। अमृत सरोवरों के निर्माण को लेकर अफसरों के दावों की हकीकत सामने आई।
शासन की मंशा के अनुसार जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाना है। जिला प्रशासन के अनुसार 15 अगस्त को अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराया जाना है। इसमें 20 फीसदी अमृत सरोवर को 15 अगस्त तक मुकम्मल कराना था।
अफसरों का दावा है कि इनका काम पूरा हो चुका है। विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर चार अमृत सरोवरों की पड़ताल की गई। इस दौरान बेहंदर ब्लॉक में ग्राम पंचायत बेहंदर खुर्द में बन रहा अमृत सरोवर अधूरा मिला।
तालाब की खोदाई भी सही से नहीं हो सकी। इससे तालाब के अंदर कई जगह मिट्टी की ढेर लगे हैं। खोदी गई मिट्टी भी बहकर दोबारा तालाब में जा रही है। इसी तरह भरखनी ब्लॉक के मुड़ेर गांव के अमृत सरोवर में रविवार को भी ट्रैक्टर से मिट्टी को हटाया जा रहा था।
इस अमृत सरोवर में पानी का नामो निशान नहीं दिखा। फिलहाल सुरसा ब्लॉक के ज्यूरा और माधौगंज के रूइया गढ़ी में अमृृत सरोवर का निर्माण सौ फीसदी पूरा है।
दलेल नगर में भी काम अधूरा
बेहटा गोकुल। ग्राम दलेलनगर में दो एकड़ में अमृत सरोवर बन रहा है। राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने 22 मई को इसका भूमिपूजन किया था। दो माह में तालाब के अंदर की मिट्टी खोदकर बाउंड्री बनाई गई है। पिछले कुछ दिन से बारिश की वजह से काम नहीं हो पा रहा है। इसके चलते अभी काम अधूरा है।
बारिश से बाधित हुआ कार्य
मल्लावां। ब्लॉक के फुलई गांव में अमृत सरोवर का भूमिपूजन विधायक आशीष सिंह आशू ने 19 मई को किया था। यहां करीब 50 प्रतिशत काम ही हुआ है। आजादी का अमृत महोत्सव मानने के लिए तालाब किनारे चबूतरे का निर्माण किया गया है। सचिव शरद कुमार ने बताया कि बारिश की वजह से कार्य प्रभावित हुआ है। जल्द ही शेष कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
वर्जन
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 20 फीसदी अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य सौ फीसदी पूरा हो गया है। जो सूची फोटो के साथ भेजी गई है। संबंधितों ने काम भी पूरा बताया है। निरीक्षण कर जहां पर काम अधूरा होने के बाद भी पूरा बताया गया है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - पीएस चंद्रोल, डीसी मनरेगा
फोटो-17- अमृत सरोवर तालाब मुंडेर ब्लाक भरखनी- फोटो : HARDOI