नुमाइश मैदान में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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हरदोई। नुमाइश मैदान में रामलीला का मंचन श्री गोविंद गोपाल लीला संस्थान की ओर से आयोजित किया गया। इसमें महाराज मनु व देवी सतरूपा की लीला का मंचन देखकर सभी दर्शक भावुक हो गए।
शुक्रवार को नुमाइश मैदान में रामलीला में श्री गोविंद गोपाल लीला के कलाकारों ने दर्शाया कि मनु महाराज को वैराग्य कुआं और वह अपने पुत्र उत्तानपाद को राजा बनाकर स्वयं वन में गए। तप करते-करते 10 हजार वर्ष व्यतीत हो गए, तब ब्रह्मा, विष्णु, शंकर तीनों देव वरदान देने पहुंचे, लेकिन किसी से कुछ नहीं मांगा। उसी समय आकाशवाणी हुई और प्रभु श्रीराम जी दर्शन देने आए हैं। प्रभु को देखकर वरदान मांगा कि आपके समान सुंदर पुत्र प्राप्त हो। भगवान ने कहा जब आप दशरथ बनोगे तब मैं पुत्र बनकर आऊंगा। महाराज मनु इंद्र की अमरावती में जाकर निवास करने लगे। उसके बाद राजा भानु प्रताप का वर्णन हुआ। भानु प्रताप को और उनके भाई अभिमर्दन को श्राप लगा कि तुम जाकर निशाचर हो जाओ। वहीं राजा भानु प्रताप ने रावण के रूप में जन्म लिया। उनके छोटे भाई अभिमर्दन कुंभकरण और उनके सेवक जो सचिव थे वे विभीषण के रूप में जन्मे। इस लीला का मंचन देखकर सभी दर्शक आनंदित हो उठे।